सीरिया से इस प्यारी बच्ची का आखिरी मैसेज, 'बचने की कोई उम्मीद नहीं'
'हम जीना चाहते हैं. मैं भूखी हूं. कल रात से सो नहीं पायी हूं.' ट्विटर पर बयान की गई ये दर्दनाक कहानी बेहद खौफनाक है.
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फोटो - thelallantop
'अब हमारे पास घर नहीं है. मैं जख्मी हूं. मैं कल रात से सो नहीं पाई हूं. मैं भूखी हूं. मैं जीना चाहती हूं, मैं मरना नहीं चाहती.' ये ट्वीट एक सात साल की बच्ची ने सीरिया के अलेप्पो शहर से किया है.
अलेप्पो. सीरिया का वह शहर जो इस वक्त आतंकवाद और गृहयुद्ध में तबाह हो रहा है. वहां रहने वाली सात साल की बच्ची बाना और उनकी मां फातिमा ट्वीट करके वहां के हालात की जानकारी देती हैं. Bana Alabed नाम के अकाउंट को फातिमा संभालती हैं. और दोनों मां बेटी ही इस अकाउंट से ट्वीट करती हैं. उनके एक लाख 37 हजार फॉलोवर्स हैं. वहां हो रही बमबारी और हमलों की जो तस्वीर उन्होंने अपने ट्वीट से दुनिया के सामने रखी है. वो बहुत ही खौफनाक है. उनके ट्वीट पढ़के शरीर में सनसनाहट सी होती है. या खुदा ये कैसी जिंदगी है. पढ़िए और सोचिये, कितना खतरनाक है सत्ता का ये खेल. कुछ लोग सीरिया में बशर-अल-असद सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहे हैं, जिनके खिलाफ आर्मी कार्रवाई कर रही है. अलेप्पो में रूस के नेतृत्व में राष्ट्रपति बशर-अल असद की आर्मी, विरोधी गुट के कब्जे वाले हिस्सों में बमबारी कर रही है. बाना ने ट्वीट कर इस बमबारी का खौफनाक मंज़र लोगों के सामने रखा. उनके ट्वीटस से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह अलेप्पो शहर बर्बाद हो रहा है. वहां जिंदगी कितनी मुश्किल हो गई है. ब्रिटेन में सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक इस लड़ाई में अब तक 219 लोग मर चुके हैं. इनमें 27 बच्चे शामिल हैं. अलेप्पो पर सीरियाई सेना के हमले जारी हैं और इन इलाकों में क़रीब 2.75 लाख लोग फंसे हैं. इस फोटो को अपलोड करते हुए लिखा गया है कि ये बादल नहीं हैं सीरिया और उसकी सहयोगी सेना की ओर से सोमवार को बताया गया कि उन्होंने ईस्ट अलेप्पो के एक हिस्से को विरोधी गुट के कब्जे से छीनकर हासिल कर लिया है. अलेप्पो में हमला तेज कर दिया गया है और विरोधी गुट के सबसे मजबूत शहरी गढ़ में ही उसे कुचलने की पूरी कोशिश की जा रही है.
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