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सीरिया में अब अंतरिम सरकार और अलावी लड़ाकों के बीच छिड़ी जंग, 250 लोगों की मौत

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को करीब तीन महीने पहले उनके पद से हटा दिया गया था. 24 साल की सत्ता गंवाने के बाद वो अपने मुल्क़ से भाग गए थे. 8 दिसंबर को हयात तहरीर अल-शाम (HTS) और उनके साथी संगठनों ने सीरिया की सत्ता में कब्जा कर लिया. अब अलावी संप्रदाय से जुड़े लड़ाकों और नई बनी सीरियाई सरकार के बीच जंग शुरू हो गई है.

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Syrian security forces accused of executing dozens of Alawites
लगभग 250 लोगों की मौत की ख़बर है. (फ़ोटो - AP)
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हरीश
8 मार्च 2025 (Published: 05:08 PM IST)
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सीरिया की अंतरिम सरकार और लड़ाकों के बीच लड़ाई बढ़ती जा रही है. इस लड़ाई में अब तक 250 से ज़्यादा लोगों की मौत होने की ख़बर है. इस बीच, सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा का बयान आया है. उन्होंने ‘अलावी अल्पसंख्यक’ लड़ाकों से आग्रह किया है कि वो आत्मसमर्पण कर दें.

इस हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इनमें अंतरिम सरकार की सेना और लड़ाकों की बीच लड़ाई की वीभत्स तस्वीरें दिखती हैं. बीबीसी की ख़बर के मुताबिक़, लताकिया शहर में एक शव को कार के पीछे घसीटा जाता हुआ देखा गया. स्थानीय लोग इस हिंसा से डरे हुए हैं. एक महिला ने बीबीसी को बताया,

हम हिंसा का निशाना बने हुए हैं. कई लोग बहुत डरे हुए और सदमे में हैं. हमें डर है कि कहीं हम बलि का बकरा न बन जाएं. हम नहीं जानते हैं कि हमें क्या करना चाहिए. कोई भी सरकार या राज्य हमारी मदद करने या हमारी सुरक्षा करने के लिए तैयार नहीं है.

मामला क्या है?

लगभग तीन महीने पहले सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को उनके पद से हटा दिया गया था. 24 साल की सत्ता गंवाने के बाद वो अपने मुल्क़ से भाग गए थे. 8 दिसंबर को हयात तहरीर अल-शाम (HTS) और उनके साथी संगठनों ने सीरिया की सत्ता में कब्जा कर लिया.

इसके बाद शुरू हुई, इन लड़ाकों और नई बनी सीरियाई सरकार के बीच जंग. दरअसल, बशर अल-असद अलावी संप्रदाय से जुड़े हैं. देश में अभी भी उनके समर्थकों की बड़ी तादाद है. इनमें से ज़्यादातर अलावी संप्रदाय से जुड़े लोग ही हैं. इसी अलावी संप्रदाय से जुड़े लोगों ने अंतरिम सीरियाई सरकार पर हमला कर दिया है.

हालिया विवाद

सीरियाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता हसन अब्देल-गनी ने 7 मार्च को हालिया घटना को लेकर अल जज़ीरा से बात की. इस दौरान उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के प्रति वफादार लड़ाकों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया. लताकिया, टारटस और जबलेह प्रांतों में कई जगहों पर ये हमले हुए. इन लड़ाकों ने सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर ‘कई सुरक्षा बलों’ को मार डाला.

वहीं, अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने 7 मार्च को इसे लेकर बयान दिया. अल जज़ीरा की ख़बर के मुताबिक़, अलावी संप्रदाय के लड़ाकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,

आप लोगों ने ‘अक्षम्य ग़लती’ की है. हमने इसका जवाब भी दिया है. इस जवाब का सामना आप लोग नहीं कर पाए हैं. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. आप अपने हथियार डाल दें और आत्मसमर्पण कर दें.

लताकिया और टारटस प्रांत, सीरिया के पश्चिमी तट पर मौजूद हैं. सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़, पश्चिमी तट पर लड़ाई में 250 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. इस इलाक़े में अलावी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. इस लड़ाई के बीच, नागरिक और उनके परिवार शरण लेने के लिए लताकिया के ग्रामीण इलाक़ों में रूसी खमीमिम बेस में घुस गए हैं.

वीडियो: दुनियादारी: अमेरिका में हुए ट्रक अटैक की कहानी क्या है? सीरिया से क्या कनेक्शन सामने आया?

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