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भारत में आ गया मंकीपॉक्स? विदेश से लौटा शख्स आइसोलेट किया गया, अब तक का अपडेट जान लीजिए

विदेश यात्रा से लौटे एक व्यक्ति को Mpox के शक में आइसोलेट किया गया है. Mpox की जांच के लिए मरीज के सैंपल लिए गए हैं.

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8 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 08:22 PM IST)
Suspected Mpox case in India
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन में रखा गया है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है. (फोटो: आजतक)
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक हाल ही में विदेश से लौटे एक युवा मरीज को Mpox के संदेह पर एक हॉस्पिटल में आइसोलेट किया गया है. Mpox को पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था. स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार, 8 सितंबर को जानकारी दी कि उस मरीज की जांच की जा रही है. ये मरीज ऐसे देश की यात्रा से लौटा है, जहां Mpox के मामले हैं. 

मंत्रालय के मुताबिक उस मरीज को एक हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, चिंता की कोई बात नहीं है. Mpox की जांच के लिए मरीज के सैंपल लिए गए हैं.

मंत्रालय की ओर से कहा गया है,

"निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार मामले को देखा जा रहा है. व्यक्ति के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम जारी है ताकि संभावित सोर्स की पहचान हो सके और देश के अंदर इसके प्रभाव का आकलन किया जा सके."

ये भी पढ़ें- अचानक क्यों आने लगे हैं मंकीपॉक्स के मामले? इससे बचाव के क्या उपाय हैं?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक ये मामला नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की ओर से पहले से किए गए रिस्क एसेसमेंट के तहत सामने आया है. इसमें चिंता की कोई बात नहीं है. मंत्रालय ने कहा कि देश ऐसे अलग-अलग यात्रा-संबंधी मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. किसी भी संभावित जोखिम से निपटने के लिए मजबूत उपाय किए गए हैं.

mpox prevention
(सोर्स: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय)

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने पिछले महीने ही Mpox को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया है. WHO ने अब तक सिर्फ दो बार Mpox को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) घोषित किया है. पहली बार मई, 2022 में और दूसरी बार अगस्त 2024 में.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साल 2022 में पहली बार Mpox के मामले सामने आए थे. तब से देश में Mpox के कम से कम 30 मामलों की पहचान की गई और 1 व्यक्ति की मौत हुई. हालांकि, साल 2024 के मौजूदा आउटब्रेक में देश का ये पहला संदिग्ध मामला है, जिसके बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है.

एमपॉक्स एक वायरल इन्फेक्शन है, जो संक्रमित व्यक्ति या दूषित सामग्री के संपर्क से फैल सकता है. एमपॉक्स के सबसे आम लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, लो एनर्जी और सूजे हुए लिम्फ नोड्स के साथ-साथ चेचक जैसे चकत्ते शामिल हैं जो दो से तीन हफ्ते तक रहते हैं.

वीडियो: दुनियादारी: मंकीपॉक्स पर WHO का इमरजेंसी अलर्ट, दुनिया को क्या ख़तरा है?

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