उर्जित पटेल के बाद प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य सुरजीत भल्ला ने भी पद छोड़ दिया
सुरजीत भल्ला ने इस्तीफा पहले दिया, ऐलान अब क्यों?
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पार्ट टाइम सदस्य रहे सुरजीत भल्ला. पीएम मोदी. फाइल फोटो. इंडिया टुडे.
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उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद सरकार को मंगलवार को एक और झटका लगा. प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य सुरजीत भल्ला ने भी अपना पद छोड़ने का ऐलान कर दिया. सुरजीत भल्ला ने एक ट्वीट के जरिए अपने इस्तीफे का खुलासा किया. उन्होंने ट्वीट किया कि, 'मैने पीएम-ईएसी की पार्ट-टाइम सदस्यता से एक दिसंबर को इस्तीफा दे दिया है.' वैसे तो, उन्होंने इस्तीफा पहले ही दे दिया था, लेकिन खुलासा मंगलवार को किया. इसको लेकर सवाल किए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद इसका ऐलान करके वो एक तरह से इसे 'कैश' करा रहे हैं. पटेल के इस्तीफे के बाद विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है. ऐसे में सुरजीत पटेल का इस्तीफा विपक्ष को सरकार पर हमले के और मौके दे सकता है.

सुरजीत भल्ला. फाइल फोटो. इंडिया टुडे.
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद का काम आर्थिक मामलों पर पीएम को सुझाव देना होता है. मौजूदा परिषद के अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबोरॉय हैं. परिषद में रथिन रॉय, रतन वाटल, आशिमा गोयल और शमिका रावी अन्य पार्ट टाइम सदस्य हैं. इसी परिषद में सुरजीत भल्ला भी एक पार्ट टाइम यानी अंशकालिक सदस्य थे. भल्ला के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब बीते दिन आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पटेल ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया था. मगर ये बात सबको मालूम है कि रिज़र्व बैंक की स्वायत्तता को लेकर पटेल का सरकार से 36 का आंकड़ा था. सरकार आरबीआई के कैश रिजर्व पर भी नजरें टिकाए थी, इस पर भी आरबीआई का सरकार से टकराव चल रहा था.
सुरजीत भल्ला आर्थिक मामलों के अच्छे जानकार माने जाते हैं. दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाते रहे हैं. वो देश के पॉलिसी मैटर्स पर बेबाक राय देने वाले 'पॉलिसी ग्रुप' के कार्यकारी निदेशक रहे हैं. न्यूयार्क स्थित माइक्रो इकोनॉमिक पॉलिसी एडवाइजरी फर्म 'ऑब्जरवेट्री ग्रुप' के भारतीय एनालिस्ट हैं. सुरजीत भल्ला 'ओक्सस रिसर्च एंड इनवेस्टमेंट' के चेयरमैन भी हैं. भल्ला आर्थिक मसलों पर लगातार लेखन भी करते रहे हैं. कई अखबारों में उनके कालम लगातार छपते रहे हैं.
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सुरजीत भल्ला. फाइल फोटो. इंडिया टुडे.
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद का काम आर्थिक मामलों पर पीएम को सुझाव देना होता है. मौजूदा परिषद के अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबोरॉय हैं. परिषद में रथिन रॉय, रतन वाटल, आशिमा गोयल और शमिका रावी अन्य पार्ट टाइम सदस्य हैं. इसी परिषद में सुरजीत भल्ला भी एक पार्ट टाइम यानी अंशकालिक सदस्य थे. भल्ला के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब बीते दिन आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पटेल ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया था. मगर ये बात सबको मालूम है कि रिज़र्व बैंक की स्वायत्तता को लेकर पटेल का सरकार से 36 का आंकड़ा था. सरकार आरबीआई के कैश रिजर्व पर भी नजरें टिकाए थी, इस पर भी आरबीआई का सरकार से टकराव चल रहा था.
सुरजीत भल्ला आर्थिक मामलों के अच्छे जानकार माने जाते हैं. दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाते रहे हैं. वो देश के पॉलिसी मैटर्स पर बेबाक राय देने वाले 'पॉलिसी ग्रुप' के कार्यकारी निदेशक रहे हैं. न्यूयार्क स्थित माइक्रो इकोनॉमिक पॉलिसी एडवाइजरी फर्म 'ऑब्जरवेट्री ग्रुप' के भारतीय एनालिस्ट हैं. सुरजीत भल्ला 'ओक्सस रिसर्च एंड इनवेस्टमेंट' के चेयरमैन भी हैं. भल्ला आर्थिक मसलों पर लगातार लेखन भी करते रहे हैं. कई अखबारों में उनके कालम लगातार छपते रहे हैं.
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