सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर मसले पर सरकार को जोर का झटका दिया
सरकार से कहा, धारा 144 को अनंतकाल के लिए नहीं लगा सकते हैं.
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पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह (फोटो: PTI)
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5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले आर्टिकल 370 में बदलाव किए थे. इसके बाद से पूरे जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट सेवाए बंद हैं. अब जम्मू और कश्मीर में पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने सुबह साढ़े दस बजे से फैसला सुनाना शुरू किया. बेंच की अगुआई जस्टिस एनवी रमणा कर रहे थे. इसके साथ जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई रहे. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में जो कहा, उसकी ख़ास बातें?
#1 कश्मीर में बहुत हिंसा हुई है. हम सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे.
वीडियो- आर्टिकल 370, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल और लद्दाख के केंद्रशासित राज्य बनने की पूरी कहानी
#2 सरकार एक सप्ताह के भीतर सभी प्रतिबंध लगाने वाले ऑर्डर्स की समीक्षा करे.Supreme Court while delivering verdict on a batch of petitions on situation in J&K after abrogation of Article 370: Kashmir has seen a lot of violence. We will try our best to balance the human rights and freedoms with the issue of security pic.twitter.com/jzYY1AmDfD
— ANI (@ANI) January 10, 2020
#3 राज्य सरकार जल्द से जल्द ई-बैंकिंग और ट्रेड सर्विस शुरू करे. #4 धारा 144 का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है. धारा 144 को अनंतकाल तक के लिए नहीं लगा सकते हैं. इसे लागू करने के लिए जरूरी तर्क होना चाहिए. धारा 144 का इस्तेमाल विचारों को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता है. #5 बेहद जरूरी हालात में ही इंटरनेट को बंद किया जा सकता है. इंटरनेट फ्रीडम ऑफ स्पीच के तहत आता है. SC संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत इंटरनेट को मौलिक अधिकार के रूप में उपयोग करने का अधिकार देता है.Supreme Court while delivering verdict on petitions on situation in J&K after abrogation of Article 370 directs Jammu Kashmir Govt to review all restrictive orders within a week. pic.twitter.com/EVIvGLnNoP
— ANI (@ANI) January 10, 2020
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार इंटरनेट पर पाबंदी, धारा 144, यात्रा पर रोक से जुड़े सभी आदेशों को पब्लिश करना होगा. कोर्ट ने एक कमेटी बनाई है जो राज्य सरकार के फैसलों का रिव्यू करेगी और सात दिन के कोर्ट को रिपोर्ट करेगी.Kashmir restrictions: SC rules right to access Internet as fundamental right under Article 19 of Constitution
— Press Trust of India (@PTI_News) January 10, 2020
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