CAA पर सुप्रीम कोर्ट में लगी 140 से ज्यादा याचिकाओं पर बड़ा फैसला आ गया
असम में NRC पर अब अलग से बात होगी.
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दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर मुंबई में भी महिलाओं ने सीएए के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया है. तस्वीर वहीं की है (फोटो- ANI)
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सुप्रीम कोर्ट में 22 जनवरी को एक ही मामले की 140 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई हुई. मामला क्या था? नागरिकता संशोधन कानून. CAA. कुछ याचिकाएं इस कानून के विरोध में थीं, कुछ समर्थन में. सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल थे. बेंच ने फैसला दिया कि CAA पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगेगी. हालांकि कोर्ट ने ये बात जरूर कही कि जरूरत पड़ने पर मामले को संविधान बेंच को सौंपा जा सकता है.
तीन जजों की बेंच को इन याचिकाओं पर सुनवाई के साथ-साथ इस कानून की संवैधानिकता की भी जांच करनी थी. साथ ही केंद्र की उस याचिका पर भी सुनवाई होनी थी, जिसमें उसने CAA पर हाईकोर्ट में अटकी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की थी.
CAA के खिलाफ़ केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
कोर्ट ने केंद्र से कहा- चार हफ्ते में जवाब दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, 'केंद्र सरकार का पक्ष सुने बिना हम कानून पर रोक लगाने का फैसला नहीं दे सकते.' कोर्ट ने केंद्र को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है. असम और त्रिपुरा में NRC पर क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने माना कि असम और त्रिपुरा में NRC के मामले पर अलग से बात करने की जरूरत है. ये भी कहा कि इस पूरे मामले को दो हिस्सों में बांटकर देखा जा सकता है- असम और त्रिपुरा में NRC और बाकी पूरे देश में CAA. इन दोनों राज्यों के मामले पर केंद्र को दो हफ्ते में जवाब देना होगा. याचिकाएं लगाने वालों में कौन-कौन शामिल है? CAA के खिलाफ कांग्रेस, DMK, CPI, CPM, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM, कमल हासन की पार्टी MNM. इनके अलावा असम के स्टूडेंट यूनियन आसू (AASU) ने भी याचिका लगाई है. भीड़ देख CJI बोले- कुछ सुनाई तक नहीं दे रहा 140 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी. हर याचिका के प्रतिनिधि कोर्ट रूम में मौजूद थे. इतनी भीड़ देखकर CJI बोबड़े बिगड़ पड़े. उन्होंने कहा, ‘इतनी भीड़ का कोर्ट रूम में क्या काम? इतना शोर हो रहा है कि एक भी शब्द सुनाई नहीं दे रहा है. इस बात के भी नियम होने चाहिए कि कोर्ट रूम के अंदर कौन आ सकता है और कौन नहीं.’ चिदंबरम ने कहा- 5 क्रिटिक्स के साथ डिबेट कर लें पीएमSupreme Court asks Centre to file reply in four weeks. https://t.co/Twc0f7kMA2
— ANI (@ANI) January 22, 2020
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट करके PM नरेंद्र मोदी को CAA पर डिबेट करने की चुनौती दी है. चिदंबरम ने ट्वीट किया- ‘गृह मंत्रालय ने विपक्ष को चुनौती दी है कि वे CAAपर डिबेट कर लें. लेकिन पूरा देश 12 दिसंबर से यही तो करता आ रहा है. मेरा तो सुझाव है कि प्रधानमंत्री CAA के पांच क्रिटिक्स के साथ सवाल-जवाब के सेशन करें. इस पूरी डिबेट का टीवी पर प्रसारण किया जाए. सारी बातें साफ हो जाएंगी.’HM has dared the Opposition to debate CAA. Is that not what the Opposition, jurists, academics, writers, artists, students and youth have been doing since Dec 12?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) January 21, 2020
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