The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Supreme Court orders to demolish illegal Hanuman temple, BJP-led Chhattisgarh govt begins the process, suspends after protests

सरकारी टीम अवैध मंदिर गिराने गई थी, खाली हाथ लौट आई

छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर के ट्रस्ट ने बनवाया है ये मंदिर. गैरकानूनी तरीके से जमीन पर कब्जा करके. सुप्रीम कोर्ट ने गिराने का आदेश दिया, फिर भी नहीं गिरा पाई सरकार.

Advertisement
pic
4 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2016, 05:38 AM IST)
Img The Lallantop
महादेव घाट पर है ये हनुमान मंदिर.
Quick AI Highlights
Click here to view more
अदालत बनाम धर्म! आप किस पाले में हैं? कल्पना कीजिए कि जमीन पर कब्जा करके एक मस्जिद बनती है. देश की सबसे ऊंची अदालत उसे गिराने का आदेश देती है. सरकारी टीम मस्जिद गिराने जाती है, लेकिन वहां लोकल लीडर्स की भीड़ पहुंच जाती है. भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकारी टीम झख मारकर वापस आ जाती है. सरकार मस्जिद गिराने का फैसला टाल देती है. अब ऊपर की कहानी में मस्जिद को मंदिर से रिप्लेस कर दीजिए. अब आप कहां खड़े हैं? छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महादेव घाट पर एक हनुमान मंदिर है. ये मंदिर जमीन पर कब्जा करके बनवाया गया था. जिस ट्रस्ट ने बनवाया, उसके मालिक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर और बीजेपी नेता गौरीशंकर अग्रवाल हैं. प्रदेश में बीजेपी की ही सरकार है. रमन सिंह मुख्यमंत्री हैं. सुप्रीम कोर्ट ने रमन सिंह सरकार को आदेश दिया कि अवैध रूप से बना मंदिर गिरा दिया जाए. सुबह-सुबह वहां टीम पहुंची लेकिन थोड़ी ही देर में बीजेपी, शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग विरोध करने पहुंच गए. पूरा पॉलिटिकल सीन हो गया. कांग्रेस के लोग भी पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि ये पूरी प्रॉब्लम प्रदेश सरकार ने खड़ी की है क्योंकि वे सांप्रदायिक तनाव चाहते हैं. लेकिन कांग्रेस वालों ने लगे हाथ ये भी कहा कि वो भी मंदिर गिराए जाने के पक्ष में नहीं हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर गिराने का आदेश 15 मई को दिया था. मंदिर के साथ उसके आस-पास की 19 अवैध दुकानें भी तोड़ने का आदेश दिया गया था. ये दुकानें भी विधानसभा स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल के 'छगनलाल गोविंद राम ट्रस्ट' ने बनवाई थीं. इसके तुरंत बाद बीजेपी के 34 विधायकों ने अपनी ही सरकार को चिट्ठी लिखकर 'मंदिर की रक्षा' करने की अपील की. वजह बताई कि मंदिर 'आस्था का केंद्र' बन चुका है.
सरकार ने कोर्ट में एफिडेविट भी फाइल किया था कि सरकारी अफसरों की ओर से निर्माण अवैध ठहराए जाने के बावजूद मंदिर का ढांचा बनाया गया. 2014 में तहसीलदार ने ढांचा गिराने का आदेश दिया था. इसके बाद मंदिर को ट्रस्ट के कब्जे से ले लिया गया था.
क्या आप एक अवैध मंदिर गिराए जाने के खिलाफ हैं? अवैध मस्जिद, अवैध चर्च और अवैध गुरुद्वारों पर आपकी राय क्या है? 
जैसा कि अपने यहां होता है, हर धार्मिक मामला पॉलिटिकल बन जाता है. कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग कर दी है. कांग्रेस का कहना है कि मंदिर की जमीन गैरकानूनी तरीके से कब्जाई गई थी, फिर भी मुख्यमंत्री रमन सिंह मंदिर के 'प्राण प्रतिष्ठान' समारोह में पहुंचे थे.
रविवार सुबह 4 बजे जिला प्रशासन की एक टीम मंदिर के पास पहुंची और आस-पास की दुकानें तोड़ना शुरू कर दिया. थोड़ी ही देर में भारी भीड़ वहां पहुंच गई, विरोध करने लगी और लाचार जिला प्रशासन काम बीच में छोड़कर लौट आया
रायपुर के डीएम ओपी चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'हमें अपना ऑपरेशन सस्पेंड करना पड़ा क्योंकि 'लॉ एंड ऑर्डर' की दिक्कत पैदा हो गई थी. मामला संवेदनशील है इसलिए आगे की रणनीति का खुलासा नहीं कर सकते.' बीजेपी प्रवक्ता हैं सच्चिदानंद उपासने. उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है कि मंदिर गिराए जाने का विरोध किया जाए. लेकिन लोग अपनी अपनी आस्थाओं की वजह से वहां मौजूद थे. लोग व्यक्तिगत वजहों से वहां मंदिर गिराने का विरोध करने पहुंचे थे. बीजेपी ही नहीं, कांग्रेस, शिवसेना, व्यापारी और हिंदू आस्था के तमाम लोग वहां मौजूद थे. रायपुर कांग्रेस प्रेसिडेंट विकास उपाध्याय का बयान भी दिलचस्प है. वह कहते हैं, 'बीजेपी कम्युनल टेंशन बढ़ा रही है. हम उसके खिलाफ है. जहां तक मंदिर का सवाल है, हम उसे गिराए जाने के पक्ष में नहीं हैं.' ये पुरानी बहस है. कि अवैध धार्मिक स्थल गिरा दिए जाएं तो देश में न जाने कितनी सड़कें, कितने अस्पताल खुल जाएं. कितनी जगहों से ट्रैफिक जाम छंट जाए. लेकिन कहीं हमारा चरित्र ही दोहरा तो नहीं है? ऐसा तो नहीं कि दूसरे धर्म की बात हो तो हम विकास की पूंछ पकड़कर ध्वंस के हिमायती बन जाते हों? और जब बात अपने धर्म पर आए तो आस्था हमें अपना शिकार बना लेती हो? [total-poll id=25595]

Advertisement

Advertisement

()