सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के 14 दंगाइयों से कहा- जाओ, हर हफ्ते छह घंटे समाज की सेवा करो
गुजरात के बाहर रहने का दिया है आदेश.

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2002 में हुए सरदारपुरा दंगों के 17 दोषियों में से 14 को सशर्त जमानत दे दी है. अदालत ने उन्हें गुजरात से बाहर रहने और वहां सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है.
2002 Gujarat riots case: Supreme Court grants bail to 14 convicts in the Sardarpura village case. A Bench headed by Chief Justice SA Bobde grants bail to the convicts & asks them to do social service during the duration of the bail. pic.twitter.com/qN36C30iha
— ANI (@ANI) January 28, 2020
# मध्य प्रदेश जाने का आदेश दिया
CJI एस.ए. बोबडे, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने दोषियों को दो समूह में बांटा है. आदेश हुआ है कि एक समूह गुजरात से बाहर निकलेगा और मध्य प्रदेश के इंदौर में रहेगा. पीठ ने कहा कि दोषियों के दूसरे समूह को मध्य प्रदेश से 500 KM दूर जबलपुर जाना होगा.
# हर हफ़्ते सोशल सर्विस
असल में उम्रकैद की सजा पाए दोषियों ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर रखी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत की शर्तों के तहत सभी दोषियों को हर हफ्ते छह घंटे की सामुदायिक सेवा करनी होगी. इसके अलावा उन्हें हर हफ्ते स्थानीय थाने में पेश होना पड़ेगा. अदालत ने ये भी कहा कि दोषियों को रिपोर्ट करने के लिए निर्धारित पुलिस स्टेशनों को चिह्नित किया जाएगा. इन सभी को मानसिक सेहत के लिए पाठ्यक्रम या सेमिनारों से भी गुजरना है.
सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर और जबलपुर में लीगल सर्विस के अधिकारियों को ये तय करने का निर्देश दिया है कि दोषी जमानत की शर्तों का पालन करें. इन्हें दोषियों की आजीविका के लिए उचित रोजगार ढूंढने में मदद करने का भी निर्देश दिया.
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