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अतीक की हत्या पर सवाल कर सुप्रीम कोर्ट ने UP सरकार से 183 एनकाउंटर का हिसाब मांग लिया

कोर्ट ने अतीक की हत्या पर संदेह जताते हुए कहा कि इसमें पुलिस के भीतर के तत्व भी शामिल हो सकते हैं.

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12 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 12 अगस्त 2023, 04:51 PM IST)
SC to UP Police on 183 encounter killings
सुप्रीम कोर्ट ने एनकाउंटर की रिपोर्ट मांगने वाली याचिका पर सुनवाई की. (फाइल फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश में साल 2017 से अब तक हुई 183 मुठभेड़ों का सुप्रीम कोर्ट ने ब्योरा मांगा है. मतलब यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक हुए एनकाउंटर की स्टेटस रिपोर्ट. कोर्ट ने गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या पर भी हैरानी जताई. कहा कि जिनकी पांच लोग सुरक्षा कर रहे हों, उन्हें कुछ लोग आकर गोली मार देते हैं. कोर्ट ने संदेह जताया कि इसमें पुलिस के अंदरूनी तत्व शामिल हो सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त को जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने दो याचिकाओं पर सुनवाई की. एक याचिका अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की पृष्ठभूमि पर है. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, ये याचिका वकील विशाल तिवारी ने दायर की है. विशाल तिवारी ने 2017 के बाद से यूपी में हुई 183 पुलिस मुठभेड़ों की पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज से स्वतंत्र जांच की मांग की. दूसरी याचिका अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी की ओर से दायर की गई है. इसमें अतीक-अशरफ हत्याकांड की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई.

15 अप्रैल, 2023 को अतीक-अशरफ की पुलिस हिरासत के दौरान ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बेंच ने पुलिस से घिरे रहने के बावजूद अतीक अहमद और अशरफ की हत्या पर हैरानी जताई. जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने यूपी के एडवोकेट जनरल से कहा,

"इसमें पुलिस के भीतर के तत्व शामिल हो सकते हैं. 5 लोग सुरक्षा कर रहे थे और कुछ लोग आकर गोली मार देते हैं. कभी-कभी मिलीभगत भी होती है."

बेंच ने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाएं जेल में भी हो रही हैं. कोर्ट ने जेल से ही मिलीभगत होने की बात कहते हुए इस पर चिंता जताई. जस्टिस अरविंद कुमार ने हालात की निगरानी के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछा. एडवोकेट जनरल ने कहा,

“हमने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया है. आयोग को एक महीने का समय चाहिए."

जस्टिस भट्ट ने सवाल उठाया कि आरोपी व्यक्तियों को जेलों में उनकी आपराधिक गतिविधियों में मदद देने वाली जानकारी कैसे मिलती है.

ये भी पढ़ें- एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट की ये गाइडलाइंस बहुत बुरा फंसा सकती हैं!

सुप्रीम कोर्ट ने अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच और चार्जशीट के स्टेटस के बारे में DGP को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, यूपी में हुए 183 मुठभेड़ के मामलों की जांच और मुकदमे का स्टेटस मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि इस हलफनामे में पिछले छह सालों में हुए सभी एनकाउंटर की जानकारी दी जाए. सुनवाई के दौरान, जस्टिस एस रविंद्र भट्ट ने कहा,

"हम यहां जांच करने के लिए नहीं हैं. हम यहां व्यवस्था को दुरुस्त होते देखना चाहते हैं." 

आजतक के संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि अतीक के दो नाबालिग बेटों को न्यायिक हिरासत मे क्यों रखा गया है. अगर वो किसी अपराध में शामिल नहीं हैं, तो उन्हें रिश्तेदारों को क्यों नहीं सौंपा जा सकता.

वीडियो: UP पुलिस ने अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के लिए नया फ़रमान जारी किया

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