मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. इसमसले पर अगली सुनवाई अब 21 अक्टूबर को होगी. अगले आदेश तक पेड़ों की कटाई पर रोकजारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर महाराष्ट्र सरकार ने हां की है. सुनवाई केबाद वकील संजय हेगड़े ने मीडिया को बताया कि सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में कहा है किमेट्रो को जितने पेड़ काटने थे उतने काट लिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है किगिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता नेआश्वासन दिया है कि अगर अभी तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है तो उन्हें जल्द रिहाकर दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी इस मामले मेंएक पार्टी के रूप में जुड़ने को कहा है. न्यूज़ एजेंसी एएनआई का ट्वीट देखिए.Supreme Court asks that activists who were arrested should be released. 'In casethose are still not released shall be released immediately,' assures SolicitorGeneral Tushar Mehta. SC also asks to include Union Environment ministry aparty. Next hearing on October 21. https://t.co/jOBQmtjWeg— ANI (@ANI) October 7, 2019 महाराष्ट्र सरकार का क्या रुख है? महाराष्ट्र की दोसबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और शिवसेना साथ-साथ हैं. लेकिन आरे के मुद्दे पर अलग-अलग.इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए शिवसेना के आदित्य ठाकरे ने कहा था कि शिवसेनाआरे में बनने जा रहे मेट्रो शेड का विरोध करेगी, लेकिन इसी कॉन्क्लेव मेंमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा था कि मेट्रो शेड वहीं बनेगा.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- मुंबई के आरे में कट रहे हैं 2600 पेड़, शिवसेना बीजेपी में हुई भिड़ंत