बिल्ली के भाग से सिकहर टूट गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्रियों, राज्यपालोंऔर मिनिस्टरों को सरकारी विज्ञापनों में अपनी फोटोज इस्तेमाल करने की छूट दे दी है.इसके पहले 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला देकर रोक लगा दी थी कि पीएम,प्रेसिडेंट और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के अलावा कोई सरकारी ऐड में अपनी फोटो नलगाएगा. उसके बाद केंद्र और स्टेट की कई सरकारों ने कोर्ट से कहा था कि प्लीज हमकोभी फोटो लगा लेने दीजिए नइस खबर के बाद कुछ नेता अपनी खुशी छुपा नहीं सके Source- goodreadsजिनने रिक्वेस्ट की थी उनका कहना था कि ये तो हमारा हक़ बनता है ना? और ऐसे थोड़ेहोता है, ऐसे कैसे चलेगा. ये तो संघीय ढांचे पर अटैक है, हमला है, चोट है.सुप्रीम कोर्ट से फोटो लगाने देने की गुजारिश करते पश्चिम बंगाल के एक मंत्री(Source- vomzi)केंद्र वालों का कहना था. सिर्फ प्रधानमंत्री की फोटो काहे लगे. उनके मंत्रिमंडलमें और जो लोग हैं उनकी भी लगे. सबको बराबर अधिकार होने चैये.अपने सहयोगियों को चिढ़ाते हुए प्रधानमंत्री (Source- firstpost) फैसले के रिवीजन की रिक्वेस्ट करने वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु भीथे. जहां चुनाव होने वाले हैं.बस भाई अब गंगा नहा लूं!और देखिए इधर खबर आई नहीं. फेसबुक पर लोग अरविंद केजरीवाल की मौज लेने लगे. येफेसबुक वाले भी न!