देखो चांद नज़र आया. चांद नज़र आया. आसमान वाले चांद की ही बात होने जा रही है, लेकिनआज का चांद थोड़ा अलग है. चांद धरती के चक्कर लगाता है, ये बात तो सबको पता है. कभीपास आ जाता है. कभी दूर चला जाता है. लेकिन आज चांद 69 सालों में धरती के सबसेनजदीक होगा. इस घटना को सुपरमून कहा जाता है. सुपरमून नाम एक एस्ट्रोलॉजर रिचर्डनोले ने 1979 में दिया था. जब कभी चांद धरती के सबसे नजदीक होता है, इसे सुपरमूनकहा जाता है. सुपरमून साल में कई बार हो सकता है. कभी-कभी 14 महीनों में एक बारहोता है. 1948 के बाद चांद धरती के सबसे करीब होगा. सबसे चमकीला होगा. खूब बड़ादिखाई देगा. रोज के मुकाबले सात प्रतिशत बड़ा और पंद्रह प्रतिशत चमकीला होगा.सुपरमून पूर्णिमा (फुल मून) का ही एक नमूना है. इसके अलावा भी फुल मून कई तरह केहोते हैं. ब्लड मून- जब चांद धरती के पीछे पूरी तरह छिप जाता है तब इसे लूनरएक्लिप्स यानी चंद्रग्रहण कहा जाता है. अभी जल्द ही जब चन्द्र ग्रहण हुआ तो चांदएकदम लाल हो गया था. खून की तरह. तब से इस तरह चांद के लाल हो जाने को ब्लड मून कहाजाने लगा. ब्लू मून- इसके लिए दो थ्योरी है. एक थ्योरी कहती है कि एक महीने कीदूसरी पूर्णिमा (फुल मून) को ब्लू मून कहा जाता है. एक दूसरी पुरानी थ्योरी ये हैकि किसी सीजन की चार पूर्णिमा में तीसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है. कईदिनों बाद कोई आदमी दिखाई दे तो अंग्रेजी में इसके लिए 'वन्स इन अ ब्लू मून' वालीकहावत इस्तेमाल की जाती है. जैसे 'ईद का चांद होना' वाली बात कही जाती है . ब्लैकमून- ये ब्लू मून का जुड़वा भाई है. लेकिन ये अपने भाई से एकदम उल्टा है. ब्लू मूनपूर्णिमा से जुड़ा है जबकि ब्लैक मून अमावस्या (न्यू मून) से. किसी सीजन की तीसरीअमावस्या को ब्लैक मून कहते हैं. ये भी दो-ढाई सालों में एक बार होता है. अभी ब्लैकमून 16 अक्टूबर को हुआ था. हार्वेस्ट मून- ये शरद की पूर्णिमा होती है. खूब चमकीली.इसका ये नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस पूर्णिमा की लाइट का इस्तेमाल किसान फसल कटाई औरउसे इकट्ठे करने में करते थे. ऐसा बड़े-बुजुर्गों का कहना है. ये सितम्बर में होताहै और कई दिनों तक खूब रौशनी वाली रातें होती हैं. तो आज रात बड़ा और चमकीला चांददेखने के लिए तैयार हो जाओ.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशान्त ने की है.--------------------------------------------------------------------------------