कंगना को सुभाष चंद्र बोस के पोते का जवाब- 'नेहरू से मुकाबले के लिए नेता जी का इस्तेमाल गलत'
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश का पहला PM बताने वाली कंगना रनौत पर नेताजी के पोते चंद्र बोस ने सवाल खड़ा किया है. उन्होंने नेताजी के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है.

हिमाचल के मंडी से बीजेपी की लोकसभा उम्मीदवार और बॉलीवडु एक्ट्रेस कंगना रणौत को नेता जी सुभाष चंद बोस के परिवार से नसीहत मिली है. कंगना ने सुभाष चंद्र बोस पर बयान दिया था जिस पर नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने प्रतिक्रिया दी है. दरअसल, कंगना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसमें वो सुभाष चंद्र बोस को देश का पहला प्रधानमंत्री बताती नजर आ रही हैं. इस बयान पर कंगना लगातार निशाने पर थी. अब नेता जी के पोते ने भी इस पर बयान जारी किया है.
चंद्र कुमार बोस ने कंगना के बयान को नेताजी की विरासत से छेड़छाड़ बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चंद्र कुमार बोस ने कहा कि कंगना का बयान इतिहास को बिगाड़ने वाला है और यह राजनीतिक लाभ के लिए बोस की विरासत में हेरफेर करने का प्रयास है. इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
एक दूसरे पोस्ट में चंद्र बोस ने लिखा,
रणौत के पहले प्रधानमंत्री वाले दावे का खंडन करते हुए चंद्र बोस ने कहा “बंगाल और पंजाब के विभाजन के बाद नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे. यह इतिहास है. इसे कोई नहीं बदल सकता." उन्होंने कहा कि
चंद्र कुमार बोस ने यह बात स्वीकारते हुए कहा कि नेताजी और नेहरू में मतभेद थे, फिर भी वे एक-दूसरे का सम्मान करते थे. अगर ऐसा नहीं होता, तो नेताजी आजाद हिंद फौज की ब्रिगेड का नाम नेहरू और गांधी के नाम पर नहीं रखते.
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ट्रोल होने पर कंगना ने क्या प्रतिक्रिया दी?4 अप्रैल को एक टीवी चैनल के मंच पर कंगना रणौत ने कहा था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के पहले प्रधानमंत्री थे, जवाहरलाल नेहरू नहीं. इसे लेकर कांग्रेस ने उन सवाल खड़े किए थे. सोशल मीडिया पर भी उनकी तीखी आलोचना हो रही थी. इसके बाद 5 अप्रैल को सोशल मीडिया X पर एक समाचार लेख का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कंगना रणौत ने लिखा,
अब इस मसले पर चंद्र कुमार बोस का जवाब आया है. चंद्र कुमार बोस ने पिछले साल सितंबर में यह कहते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया था कि उनके सिद्धांत पार्टी के साथ मेल नहीं खाते हैं. उनका इस्तीफा इंडिया बनाम भारत विवाद के बीच आया था.

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