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UP में जूलर्स से लूट, पुलिस में शिकायत की गई तो पता चला कि पुलिसवालों ने ही लूटा था

एक सब-इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल समेत 6 गिरफ्तार.

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22 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 22 जनवरी 2021, 09:57 AM IST)
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घटना की जानकारी देते SSP जोगिंदर कुमार. पीछे खड़े हैं लूटपाट के आरोपी (चेहरा ढके हुए). (फोटो- @gorakhpurpolice ट्विटर)
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20 जनवरी की बात है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के महाराजगंज में दो सर्राफा व्यापारियों से लूट हुई. दोनों लोग कुछ जेवर और कैश लिए थे. गोरखपुर से बस पकड़कर लखनऊ जा रहे थे. तभी पुलिस की वर्दी में तीन लोग आए. छानबीन के नाम पर दोनों व्यापारियों को बस से उतारा और ऑटो में बैठाकर कहीं ले गए. रास्ते में उनसे सारा जेवर और कैश लूटा और फरार हो गए. दोनों सर्राफा व्यापारी अब असली पुलिस के पास गए. कहा कि साब हमारे साथ लूटपाट हो गई है. लुटेरे पुलिस की वर्दी पहनकर आए थे और सारा जेवर और पैसा लूट ले गए. पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज खंगाले. और क्या पता चला? कि लूट करने वाले पुलिस की वर्दी में आए बदमाश नहीं थे. बल्कि पुलिसवाले ही थे. लूट में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनमें एक सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल शामिल हैं. SI का नाम है धर्मेन्द्र यादव. कॉन्स्टेबल हैं महेंद्र यादव और संतोष यादव. इनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. गोरखपुर के SSP जोगिंदर कुमार ने बताया कि इन लोगों के पास से करीब 19 लाख रुपए नगद, करीब 16 लाख रुपए की कीमत के सोना-चांदी और एक गाड़ी बरामद की गई है. आरोपी एसआई और कॉन्स्टेबल पुरानी बस्ती थाने में तैनात थे. ये पुलिसवाले पहले भी इसी तरह की लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. SSP ने बताया –
“जब पूछताछ की गई तो इन्होंने (आरोपियों ने) एक घटना और स्वीकार की, जो इन्होंने 29-12-2020 को गोरखपुर के ही थाना शाहपुर एरिया में की थी. तब ये कस्टम अधिकारी बनकर करीब डेढ़ घंटे तक सर्राफा व्यापारी को घुमाते रहे थे और लूटपाट की थी. इन लोगों के पास से चार किलो चांदी बरामद की गई है, जो उसी घटना की है.”
इस पूरे केस में सबसे अहम सुराग कैंट थाने के इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय के हाथ लगा था. जब उन्होंने घटनास्थल के CCTV फुटेज देखे तो आरोपियों के हाथ में पिस्टल दिखी. ध्यान से देखा तो ये सर्विस रिवॉल्वर थी. यहीं से पुलिस के लिए जांच आसान हो गई. UP पुलिस की दूसरी फजीहत अभी 18 जनवरी को ही यूपी से ही एक केस आया था, जहां दो कॉन्सटेबल सेक्स वर्कर्स के साथ मिलकर अजब बिजनेस चला रहे थे, यूपी पुलिस के दो कॉन्स्टेबल विपिन और सचिन ने लोगों से उगाही के लिए एक नया सिस्टम ही खड़ा कर दिया. उन्होंने 2 सेक्स वर्कर्स को डरा धमका कर अपने चंगुल में फंसाया. और उनसे कम उम्र के युवाओं को रिझाने की बात कही. जब कोई लड़का इन सेक्स वर्कर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में होता तो यह मौके पर दोनों कॉन्स्टेबल पहुंच जाते. इसके बाद दोनों उस युवक को जेल में बंद करने की धमकी देते. जब लड़का गिड़गिड़ाने लगता तो आरोपी कॉन्स्टेबल उन्हें छोड़ने की एवज में भारी-भरकम रकम ऐंठ लेते थे. ये मामला मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाने की गडवाखेड़ा चौकी का था.

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