कभी देखा है किसी का सबसे बड़ा फैन... सबसे बड़ा प्रशंसक!!! मैंने एक आदमी को देखाथा. इंदौर में. वो मिथुन चक्रवर्ती का फैन था. मतलब सिर से पैर तक. फिर मैंने सुधीरगौतम को देखा. सचिन के फैन. ये लोग ऐसे थे समझो कि बस फैन. कहने को कुछ नहीं बचता.इनके जीवन का लक्ष्य होता है, उठाना-बैठना होता है, और सब केन्द्रित होता है उस चीजके पीछे जहां इनका मन लगा हो. ऐसा ही एक आदमी और है. शिवसेना इस आदमी कीनलिका-शिराओं में बहता-बूड़ता है. ये भाई साहब पुणे में रहते हैं. 55 बसंत देख चुकेहैं. नाम लिखाता है मोहन यादव. हम मजाक में कुछ टीवी एंकर्स को कहते हैं, इनकी कारका धुआं भी नारंगी निकलता है. मोहन यादव इस मजाक से भी आगे निकल चुके हैं. उननेअपनी बाइक को भी भगवा रंग में रंग दिया है. उनकी बाइक पर शिवसेना का चुनाव चिह्नतीर कमान बना है. छत्रपति शिवाजी महाराज की बड़ी सी फोटो लगी है. और बाल ठाकरे कीढेरों फोटोज चस्पा हैं. इनकी बाइक के टायर से लेकर सीट तक का रंग भगवा है. ये कैपपहनते हैं भगवा, गॉगल पहनते हैं भगवा, घड़ी पहनते हैं भगवा, नेल पॉलिश भगवा, शर्टभगवा, पैंट भगवा. बनियान और बरमूडा तक भगवा यहां तक कि जूता भी भगवा. इत्ता हीनहीं, मोहन यादव के घर में सिर्फ बाल ठाकरे की फोटो लगी हैं. घर की हर एक चीज भगवाहै. हर एक माने हर एक. इनकी बेड शीट भगवा, ओढ़ने का उपन्ना से लेकर दुशाला, पिछउरीसब भगवा. खाने की थाली, चाय की प्याली, पीने का गिलास, सब भगवा है. मोहन यादव से एकबार शिरूर के हालिया सांसद शिवाजीराव आढळराव पाटील ने कहा था के बाल ठाकरे तुमसेकब्बो न मिलेंगे. लेकिन, जब मोहन यादव बंबई में मातोश्री गए, तो खुद बाल ठाकरे उनसेमिलने और उनकी मोटर साइकिल देखने मातोश्री के बाहर आए. मातोश्री शिवसेना वालों कावॉर रूम है, जहां से तय होता है कि आज कहां जाकर काहे का विरोध होना है. तो बालठाकरे के भाषण से मोहन यादव पहले ही बमबम हुए पड़े थे, लेकिन जब वो उनसे मिलनेमातोश्री के बाहर आए, तब तो मोहन यादव की लाइफ ही बदल ली. उस रोज़ ठाकरे इस आदमी केलिए देवता बराबर हो गए. मोहन बताए भक्त से मिलने खुद भगवान मंदिर के बाहर आए, इससेबड़ी बात कोई और क्या होगी? वैसे हम बता दें ये नेताओं को भगवान बनाना और पूजना सबसेखतरनाक होता है. मोहन यादव अस जोर से ठाकरे के अनाम पर भयाए के दोनों बालकों के नामउद्धव और राज रखे हैं. एक बार राज ठाकरे ने इनसे कहा कि बाइक पर घुमा दो, तो मना करदिए. बोले, ऐसा है कि अब आप शिव सेना में नहीं है, तो शिव सेना की मोटर साइकिल कीसवारी नहीं कर सकते. लोह्ह्ह्ह गुरू. ये करते क्या हैं? बताते हैं पुणे महापालिकामें बगीचे के सिक्योरिटी गार्ड हैं. महाराष्ट्र में या कहीं भी पुणे में कोई भीअपना चुनाव प्रचार कराना हो, इनकी गाड़ी में तेल भरा दो. ये चल देते हैं.