झंडी एक्सप्रेस, जिसे सवारियों से ज्यादा हरी झंडी दिखाने वाले मिले
चार बीजेपी सांसदों ने 6 स्टेशनों पर ट्रेन से उतर उतरकर झंडी दिखाई.
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
मरहूम शायर रफीक सादानी फरमा गए हैं
जब नगीचे चुनाव आवत है
भात मांगौ पुलाव आवत है
यूपी में मुबारक मौसम मानसून के साथ चुनाव का भी है. इसी मौसम में यहां इलाहाबाद और कानपुर के बीच एक नई ट्रेन चल गई. नहीं ट्रेन का नाम झंडी एक्सप्रेस नहीं है. लेकिन उसकी हालत देखने के बाद खुद भी यही कहोगे. इसे अब तक 6 बार 4 नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है.
नाम है इस ट्रेन का कानपुर प्रयाग मेमू. नंबर है 14101(UP) और 14102(DOWN). प्रयाग स्टेशन से शाम 4.35 निकलती है. रात 9.50 पर कानपुर सेंट्रल पहुंचती है. टोटल 208 किलोमीटर. रास्ते में स्टेशन पड़ते हैं उन्नाव, बीघापुर, रघुराज सिंह, डलमऊ, जलालपुर, ऊंचाहार, गढ़ी मानिकपुर, कुंडा हरनामगंज, लालगोपाल गंज और फाफामऊ. इन स्टेशन के आसपास रहने वाले भयंकर खुश हैं. लेकिन उनसे ज्यादा खुश हैं इस ट्रेन का क्रेडिट लेने वाले नेता.
जिन नेताओं ने इसका क्रेडिट झटका है, बताते हैं लाइन से.
1. चार जुलाई को कानपुर के सांसद और बीजेपी के बड़े नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस खेल का फीता काटा. माने हरी झंडी दिखाई ट्रेन को. अखबार में खबर छपी. फोटो ओटो के साथ.
2. फिर पांच तारीख को उन्नाव सांसद साक्षी महाराज को ध्यान आया. अरे, ये तो हमाए क्षेत्र से भी जा रही है. हमको भी उद्घाटन करना चाहिए. खुद तो नहीं जा पाए. अपने साथी प्रियंक आर्य को भेजा. कि जाओ, उन्नाव स्टेशन पर इसको झंडी दिखाओ.
3. लेकिन सबसे धाकड़ लॉन्चिंग की कौशांबी से बीजेपी सांसद विनोद सोनकर ने. उस ट्रेन बकरी को पूरी तरह से दुह लिया. लपक के पहुंचे लालगोपाल गंज स्टेशन. चेले जुटाए. अफसरों को बुलाया. फिर धूमधाम से हरी झंडी दिखाई. ट्रेन चल पड़ी तो रपट के चढ़ लिए उसी में.
अगला स्टेशन कुंडा हरनामगंज. ट्रेन रुकी. सांसद जी उतरे. वहां समर्थक और अफसर पहले से नेता जी का वेट कर रहे थे. फिर धूम मची और हरी झंडी दिखाई गई. ट्रेन फिर चली नेताजी फिर चढ़ गए.
फिर आया गढ़ी मानिकपुर. ये नेताजी की ससुराल भी है. यहां पहले इस ट्रेन का स्टापेज नहीं था. लेकिन नेताजी अड़ गए. पूरा जोर लगा दिया. अफसरों ने बताया कि इसकी वजह से रोज 25 हजार रुपए का नुकसान होगा. ट्रेन 10 मिनट लेट होगी. सोनकर ने कहा कुच्छ नहीं. ट्रेन रुकेगी तो रुकेगी. अब इस स्टेशन पर तो हरी झंडी दिखानी ही थी. अभी तक विनोद सोनकर की 'झंडास' की प्यास मिटी नहीं थी. फिर फूल माला, धूमधाम, ताली वाली, जिंदाबाद जिंदाबाद और फिर हरी झंडी.
झंडी हाथ में पकड़े ही थे. फिर दौड़के चढ़ने को हुए तो किसी ने कान में गुरुमंत्र दिया. कि अगला स्टेशन सोनिया गांधी का चुनावी क्षेत्र है. नेताजी मन मसोस कर झंडी लिए उतर गए. गाड़ी चली गई.
3. अगला नंबर यूपी बीजेपी के सबसे बड़े नेताजी का. प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य. फूलपुर से सांसद हैं. सोचा कि ट्रेन तो चल ही गई है. लेकिन अभी देर नहीं हुई. क्रेडिट लूटा जा सकता है. धांय से फोन किया प्रयाग स्टेशन पर. अफसर लोग ईद की छुट्टी के दिन तगड़ा इंतजाम किए. पूरा लाव लश्कर स्वागत के लिए तैयार था. वहां झंडी एक्सप्रेस को अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा बनाकर, फूल माला पहनाकर छठीं बार रवाना किया.
पता नहीं ये लॉन्चिंग वर्क पूरा हो गया है या अभी भी कोई नेता दांत धरे बैठा है किसी स्टेशन पर. पीएम कहिन है कि पार्टी के नेता ज्यादा शो ऑफ न करें. लेकिन इनकी चुल्ल कभी बैठती ही नहीं.
2. फिर पांच तारीख को उन्नाव सांसद साक्षी महाराज को ध्यान आया. अरे, ये तो हमाए क्षेत्र से भी जा रही है. हमको भी उद्घाटन करना चाहिए. खुद तो नहीं जा पाए. अपने साथी प्रियंक आर्य को भेजा. कि जाओ, उन्नाव स्टेशन पर इसको झंडी दिखाओ.
3. लेकिन सबसे धाकड़ लॉन्चिंग की कौशांबी से बीजेपी सांसद विनोद सोनकर ने. उस ट्रेन बकरी को पूरी तरह से दुह लिया. लपक के पहुंचे लालगोपाल गंज स्टेशन. चेले जुटाए. अफसरों को बुलाया. फिर धूमधाम से हरी झंडी दिखाई. ट्रेन चल पड़ी तो रपट के चढ़ लिए उसी में.
अगला स्टेशन कुंडा हरनामगंज. ट्रेन रुकी. सांसद जी उतरे. वहां समर्थक और अफसर पहले से नेता जी का वेट कर रहे थे. फिर धूम मची और हरी झंडी दिखाई गई. ट्रेन फिर चली नेताजी फिर चढ़ गए.
फिर आया गढ़ी मानिकपुर. ये नेताजी की ससुराल भी है. यहां पहले इस ट्रेन का स्टापेज नहीं था. लेकिन नेताजी अड़ गए. पूरा जोर लगा दिया. अफसरों ने बताया कि इसकी वजह से रोज 25 हजार रुपए का नुकसान होगा. ट्रेन 10 मिनट लेट होगी. सोनकर ने कहा कुच्छ नहीं. ट्रेन रुकेगी तो रुकेगी. अब इस स्टेशन पर तो हरी झंडी दिखानी ही थी. अभी तक विनोद सोनकर की 'झंडास' की प्यास मिटी नहीं थी. फिर फूल माला, धूमधाम, ताली वाली, जिंदाबाद जिंदाबाद और फिर हरी झंडी.
झंडी हाथ में पकड़े ही थे. फिर दौड़के चढ़ने को हुए तो किसी ने कान में गुरुमंत्र दिया. कि अगला स्टेशन सोनिया गांधी का चुनावी क्षेत्र है. नेताजी मन मसोस कर झंडी लिए उतर गए. गाड़ी चली गई.
3. अगला नंबर यूपी बीजेपी के सबसे बड़े नेताजी का. प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य. फूलपुर से सांसद हैं. सोचा कि ट्रेन तो चल ही गई है. लेकिन अभी देर नहीं हुई. क्रेडिट लूटा जा सकता है. धांय से फोन किया प्रयाग स्टेशन पर. अफसर लोग ईद की छुट्टी के दिन तगड़ा इंतजाम किए. पूरा लाव लश्कर स्वागत के लिए तैयार था. वहां झंडी एक्सप्रेस को अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा बनाकर, फूल माला पहनाकर छठीं बार रवाना किया.
पता नहीं ये लॉन्चिंग वर्क पूरा हो गया है या अभी भी कोई नेता दांत धरे बैठा है किसी स्टेशन पर. पीएम कहिन है कि पार्टी के नेता ज्यादा शो ऑफ न करें. लेकिन इनकी चुल्ल कभी बैठती ही नहीं.
