निदाहास ट्रॉफी के फाइनल का हीरो सबको याद है. दिनेश कार्तिक. कैसे बंदे ने आखिरीबॉल पर छक्का मारके मैच जिता दिया था. पर ये मैच आखिरी बॉल और आखिरी छक्के तकपहुंचा किसकी कृपा से. नाम विजय शंकर. सबको याद होगा जब विजय क्रीज पर आए तो टीम को69 रन चाहिए थे 40 गेंदों पर. पर विजय के बल्ले पर उस दिन गेंद आ ही नहीं रही थी.सबसे मुश्किल रहीं मुस्तफिजुर रहमान की गेंदें. विजय पर इंटरनैशनल क्रिकेट काप्रेशर साफ दिख रहा था. 18वें ओवर में विजय लगातार चार गेंदें झेल गए. अब दो ओवरमें टीम इंडिया को 34 रन चाहिए थे. वो तो कहो कार्तिक ने आखिरी में हौंक दिया. वरनाबांग्लादेश के हाथों हार तय थी.18 मार्च 2018 का ये दिन विजय शंकर के लिए हादसे से कम नहीं था. ट्रॉफी जीतने केबाद टीम जश्न मना रही थी. पर विजय खोए-खोए से पीछे खड़े थे. सोशल मीडिया पर विजयशंकर को ट्रोल किया जाने लगा. सोशल मीडिया पर कम ऐक्टिव रहने वाले विजय शंकर नेईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा कि इस ट्रोलिंग से वो कुछ दिन परेशान रहे. पर फिर इसनेउनको और मजबूत बनाया. प्रेशर हैंडलिंग और मुश्किल स्थितियों का सामना करना औरमजबूती से सिखाया. विजय को दिनेश कार्तिक और रोहित शर्मा ने भी समझाया कि उनके साथजो हुआ वो किसी के साथ भी हो सकता है.ऑलराउंडर विजय शंकर इंग्लैंड में धमाल कर सकते हैं.विजय ने दोनों सीनियर्स की बात को माना और क्रिकेट में मन लगाया. खूब मेहनत की और15 अप्रैल 2019 को जब इंडिया के सलेक्टर्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वर्ल्ड कप के लिएटीम का ऐलान किया तो विजय शंकर का नाम उसमें शामिल था. शंकर को अंबाती रायडू की जगहटीम में शामिल किया गया. वो अंबाती जिनकी पिछले 6 महीने से टीम में जगह पक्की मानीजा रही थी. शंकर की सलेक्शन के पीछे कारण दिया गया कि उनके आने से टीम में बैटिंग,बॉलिंग और अच्छी फील्डिंग आ जाती है.निदाहस ट्रॉफी के उस बुरे सपने को भूलकर शंकर इंडिया ए और तमिलनाडु के लिए अच्छाखेले. दिसंबर 2018 में वो इंडिया ए की तरफ से न्यूजीलैंड गए. वहां उन्होंने इंडियाकी तरफ से सबसे ज्यादा 188 रन बनाए. 94 के एवरेज और 105 के स्ट्राइक रेट से. इंडियाए ने ये सीरीज 3-0 से जीती. न्यूजीलैंड में इसी परफॉर्मेंस का नतीजा था कि विजयशंकर को टीम इंडिया की वनडे टीम के लिए बुलावा आया. हार्दिक के करन जौहर कांड केबाद टीम से बाहर निकाले जाने पर टीम को एक ऑलराउंडर की जरूरत थी. इसी में विजय शंकरका नंबर लगा और भारत की ओर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के तीसरे और आखिरी मैचमें वन-डे डेब्यू किया.विजय शंकर की सबसे खास बात ये है कि वो ऑलराउंडर हैं. अपने देश में वैसे भीऑलराउंडरों की कितनी किल्लत रही है. सब जानते हैं. और अपने यहां ऑलराउंडर होगा भीतो वो बैटिंग के साथ स्पिन डालता होगा. फास्ट बॉलिंग के साथ बल्ला चला लेने वालेआदमी ईद के चांद की तरह हैं. तो तमिलनाडु के विजय वही ईद के चांद हैं. वो दाएं हाथसे मीडियम तेज गेंदबाजी करते हैं और सीधे हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं. निदाहासट्रॉफी के फाइनल में भले विजय बड़े शॉट्स नहीं खेल पाए, मगर डोमेस्टिक क्रिकेट मेंवो अपने बड़े-बड़े शॉट्स के लिए ही जाने जाते हैं.पिता और भाई का खूब साथ मिलाविजय के यहां तक पहुंचने में उनके पिता और भाई अजय का बड़ा रोल है. अजय ने तमिलनाडुके लिए लोवर डिविजन क्रिकेट खेला है. इन्हीं ने विजय के लिए घर की छत पर नेट्स लगादिए थे ताकि विजय प्रैक्टिस कर सकें. शंकर को अब आप फास्ट बॉल डालते देखते हैं, पर20 साल की उम्र तक वो ऑफ स्पिन करते थे. पर उन्हें समझ आ गया कि स्पिनरों से भरीतमिलनाडु की टीम में स्पिन से काम नहीं चलेगा. इसीलिए वो तेज गेंदबाजी करने लगे.फायदा भी मिला. 21 साल की उम्र में विजय ने विदर्भ के विरुद्ध अपना पहला फर्स्टक्लास मैच खेला. इसमें उन्होंने नाबाद 63 रन बनाए और 2 विकेट भी लिए. पर असली कहरतो विजय ने 2014-15 के रणजी सीजन में ढाया. जब उन्होंने 57.70 के एवरेज से 577 रनबनाए. इसमें दो सेंचुरी और दो हाफ सेंचुरी थी. हालांकि वो बीच कप में चोटिल हो गएऔर वापस लौटे. पर जनता जान चुकी थी कि कोई विजय शंकर नाम का लड़का रणजी में फोड़रहा है.विजय शंकर का डोमेस्टिक में अच्छा रिकॉर्ड रहा है.विजय के डोमेस्टिक करियर की बात करें तो अभी तक 41 फर्स्ट क्लास मैचों में 47.70 केऔसत के साथ उन्होंने 2099 रन बनाए हैं. लिस्ट-ए करियर को देखें तो विजय के नाम 58मैचों में 37.12 के औसत से 1448 रन हैं. टी20 की बात करें तो उन्होंने अभी तक 59मैचों में 27.26 के औसत और 126.23 के स्ट्राइक रेट के साथ 818 रन बनाए हैं.पर ये सारा स्ट्राइक रेट, एवरेज, स्कोर और ऑलराउंडर होने की कला टीम इंडिया केकितने काम आती है. असली चीज यही देखने वाली होगी. विजय को एक और चीज समझ लेनी चाहिएकि उन्हें ये मौका बड़ी किस्मत से मिला है. या कहें हार्दिक के बैड लक के कारण.क्योंकि हार्दिक ही फिलहाल ऑलराउंडर के तौर पर विराट कोहली की पहली पसंद हैं. ऐसेमें विजय इस मौके को जितना ज्यादा से ज्यादा भुना लें, वही उनके करियर के लिए अच्छाहै.--------------------------------------------------------------------------------लल्लनटॉप वीडियो देखें -