अभी जो साइंस रोज तरक्की कर रहा है. धकापेल मशीनें चल रही हैं. कभी ग्लोबल वार्मिंगकी बात होती है. कभी ओजोन लेयर की. लेकिन यहां किसी को फर्क नहीं पड़ता. हाथी अपनीमस्त चाल में चला जा रहा है. अगर ये सब इसी स्पीड से चलता रहा. आर्टीफिशियलइंटेलीजेंस, मौसम पर असर डालने वाला पॉल्यूशन और न्यूक्लियर वॉर भी हो गया. तोदुनिया से मानुस हो जाएगा खतम. इसको अपनी सभ्यता बचाने के लिए कुछ एहतियात करनाहोगा. इंसान को नया घर खोजना होगा. नया प्लैनेट. और इस काम के लिए एक हजार साल बचेहैं बस. 74 साल के हैं स्टीफन हॉकिंग. बड़े मशहूर वैज्ञानिक हैं. इनके ऊपर और इनकीतमाम थ्योरीज और शोज डिस्कवरी और नेट जियो चैनल पर देखे होगे. जानकारी के भूखे लोगयूट्यूब से भी देखते हैं. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. उन्होंने बीतेमंगलवार को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी यूनियन में स्पीच दी. एक घंटे की. बोले कि "मुझेनहीं लगता हमारा नाजुक सा ग्रह इन हालात में हजार साल चल पाएगा." बताया कि इसका नाशइंसानों की वजह से ही होगा. अपनी स्पीच में हॉकिंग ने आइंस्टाइन की थ्योरी से लेकरमौत और ईश्वर तक की स्टोरी पर बात की. उन्होंने कहा कि "यही तो सही टाइम है रिसर्चकरने का. हमारे यूनिवर्स का माहौल पिछले पचास साल में एकदम बदल गया है. अगर इसबदलाव में मैं कुछ योगदान दे पाऊं तो मुझे बड़ी खुशी होगी." "धरती के खतम होने या नरहने लायक होने में टाइम कम या ज्यादा हो सकता है. हजार साल से बढ़कर दस हजार साललग सकते हैं. मगर होगा जरूर ऐसा. तो लास्ट डेट आने से पहले हमें स्पेस में निकलजाना चाहिए. तारे देखने चाहिए. प्लैनेट खंगालने चाहिए. तभी ह्यूमनिटी को बचाने मेंकामयाब हो पाएंगे." नासा तो 2009 से लगा है. धरती के जैसे ग्रह खोजने में. 4600प्लैनेट मार्क कर लिए गए हैं. 2300 और निशाने पर हैं. हमारे सूरज जैसा तारा पहलीबार खोजा गया था सन 95 में. हॉकिंग कहते हैं हमको सबसे पहले टेक्नॉलजी से पैदा होनेवाली मुश्किलों का सामना करना होगा. बाकी बातें तो फिर होंगी.--------------------------------------------------------------------------------स्टीफन हॉकिंग के बारे में सब कुछ: आदमी 3 साल नहीं झेल सकता स्टीफन 50 साल से झेलरहे हैं ये बीमारी