"गुलामी के निशान मिटा रहे थे, एलिज़ाबेथ की मृत्यु के बाद राजकीय शोक मना रहे" - लोग भड़के!
लेकिन राजकीय शोक क्या है? किसकी मृत्यु पर राजकीय शोक घोषित कर सकती हैं सरकारें?

ब्रिटेन (Britain) की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) के निधन पर भारत में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. ये घोषणा केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की तरफ से की गई है. एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को स्कॉटलैंड में निधन हो गया. वो 96 साल की थीं. केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया,
पहले देश में केवल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या इन पदों पर रह चुके लोगों के निधन पर ही राजकीय शोक की घोषणा की जाती थी. हालांकि, समय के साथ इन नियमों में बदलाव किए गए. अब केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के पास ये अधिकार है वो देश और विदेश के गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर राजकीय शोक का ऐलान कर सकती हैं. राजकीय शोक के दौरान आमतौर पर कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं होता. केवल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद पर रहते निधन होने की स्थिति में सार्वजनिक अवकाश का प्रावधान है. हालांकि, राज्य सरकारों के पास किसी गणमान्य व्यक्ति के निधन पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा करने का अधिकार है.
सोशल मीडिया पर आए रिएक्शनइधर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर राजकीय शोक घोषित होने पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं. ज्यादातर रिएक्शन में राजकीय शोक की घोषणा को लेकर नाराजगी जाहिर की गई है. आलोक जोशी नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया,

.webp?width=60)

