32 साल की पिंकी को क्या पता था कि 24 अक्टूबर को वो आखिरी बार काम पर जा रही है?अगला मंडे देखना उसकी किस्मत में नहीं. जितेंद्र. पेशे से ऑटो ड्राइवर. जो महीनोंसे पिंकी का पीछा कर रहा था. सोमवार को उसने एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर पिंकी कोचाकू घोंप कर मार डाला. पिंकी गुड़गांव के सरहॉल गांव में अपने हसबेंड मान सिंह केसाथ रहती थी. वो खुद रोहिणी के एक पार्लर में काम करती थी और उसका हसबेंड हाउसकीपिंग का. रोजाना की तरह पिंकी पार्लर जाने के लिए घर से निकली थी. जैसे ही एमजीरोड मेट्रो स्टेशन पहुंची उसकी नजर जितेंद्र पर पड़ी. उसे देखकर वो डर गई. और अपनेहसबेंड को फोन मिला दिया. बताया कि उसने जितेंद्र को गेट नंबर 2 पर देखा है. इसकेआगे वो कुछ बोल पाती, जितेंद्र ने उसे पीछे से धक्का दे दिया. वो जमीन पर गिर पड़ी.उसने पहले चाकू से गला काटा. फिर दनादन पिंकी के पेट, चेहरे, कलाई और गले पर चाकूघोंपने लगा. आस-पास के लोग पिंकी को बचाने के लिए आगे आए, पर जितेंद्र ने चाकूदिखाकर सबको दूर रहने के लिए कहा. लोगों ने उस पर चप्पलें और बोतलें फेंकी, पर वोअंधाधुंध चाकू घोंपता रहा. फिर किसी आदमी ने जितेंद्र पर स्टैंड फैन फेंका. जो सीधेउसके कपार पर लगा और वहीं वो बेहोश हो गया. इतने में CRPF वाले आए और उसे धर लिया.और सौंप दिया गुड़गांव पुलिस को. पिंकी को DLF फेस-2 के उमा संजीवनी अस्पताल लेजाया गया. पर घाव गहरे होने के चलते उसे सिविल हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. पर कोईफायदा नहीं हुआ. शरीर पर लगे जख्मों के चलते पिंकी की दोपहर में मौत हो गई. डॉक्टरदीपक माथुर ने पोस्टमॉर्टम कर बताया कि छाती और गले पर घाव के चलते पिंकी की मौतहुई है. 30 से भी ज्यादा घाव दिए थे उस जितेंद्र ने पिंकी को. पुलिस के मुताबिकजितेंद्र है तो उत्तर प्रदेश का लेकिन रहता है गुड़गांव के राजीव नगर में. उसे भीसिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. गुड़गांव पुलिस के PRO, ACP मुनीश सहगल काकहना है, 'जितेंद्र पिंकी का पीछा कर रहा था, इस पर अभी मैं कुछ नहीं कह सकता.जितेंद्र का इलाज चल रहा है. पूछताछ हो नहीं पाई है. और बिना पूछताछ के कुछ भी कहनासही नहीं है. मैंने आगे की जांच के ऑर्डर दे दिए हैं.'दो महीने पहले मिले थे जितेंद्र और पिंकीदो महीने पहले पिंकी जितेंद्र से मिली थी. पार्लर से लौटने के बाद वो एमजी रोडमेट्रो स्टेशन से घर जाने के लिए ऑटो लेती थी. एक दिन जितेंद्र ने पिंकी को घरड्रॉप किया था. उसके बाद कई बार पिंकी को जितेंद्र ने घर छोड़ा. दोनों ने नंबरएक्सचेंज किया ताकी फ्यूचर में कभी जरूरत पड़े तो वो उसे कॉल कर सके. लेकिनजितेंद्र उसके बाद पिंकी का पीछा ही करने लगा. ये बात पिंकी ने अपने हसबेंड को बताईथी. जितेंद्र ने तो मान सिंह को घर में घुसकर धमकी तक दी थी. कि वो पिंकी को उससेछीन ले जाएगा. कपल ने इसके बारे में पुलिस में शिकायत नहीं की. उन्हें लगा था कि येछोटी सी प्रॉब्लम है, दूर हो जाएगी. पर ऐसा हुआ नहीं.पिंकी का दूसरा हसबेंड था मान सिंहमान सिंह की मुलाकात पिंकी से तीन साल पहले दिल्ली में हुई थी. दोनों अलग-अलगप्राइवेट कंपनी में काम करते थे. दोनों के ऑफिस पास में थे. पहले जान-पहचान हुई औरफिर प्यार. उसके बाद दोनों ने शादी कर ली. मान सिंह पिंकी का दूसरा हसबेंड है. इससेपहले उसकी शादी हो चुकी थी. लेकिन तलाक हो गया था. पिंकी का 6 साल का एक बेटा भीहै. जो उसके पहले हसबेंड के साथ रहता है.