कमलनाथ का न्याय, गुंडई करते विधायक पुत्र पर नकेल कसी तो एसपी का ट्रांसफर!
टोल प्लाजा पर पहुंचे थे 15-20 बदमाश, पांच मिनट में करीब 30 गोलियां चलाईं.
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कांग्रेस विधायक के पुत्र पर कार्रवाई करने पर एसपी का ट्रांसफर.
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मध्यप्रदेश. वहीं जहां कुछ दिन पहले तक शिवराज मामा की सरकार थी. अब कमलनाथ चाचा सीएम हैं. यहां एक जिला है मुरैना. वहीं जहां की गजक फेमस है. यहां छौंदा से गुजरता है आगरा-मुंबई हाईवे जिस पर टोल प्लाजा बना है. टोल मैनेजर हैं भगवान सिंह सिकरवार. उन्होंने पुलिस को बताया कि 23 फरवरी की रात 10:30 बजे उनके पास एक फोन आया. फोन था कांग्रेस विधायक ऐंदल सिंह कंसाना के पुत्र राहुल सिंह का. विधायक पुत्र ने आदेश जारी किया कि -

फायरिंग करते बदमाश.
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने टोल प्लाजा के ऑफिस पर पांच मिनट में करीब 30 गोलियां चलाईं. बदमाशों के जवाब में टोल बूथ पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स ने भी फायरिंग की. इसमें एक युवक जख्मी हो गया. और ये सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. हालांकि सभी बदमाश मुंह पर गमछा लपेटे थे, इसलिए फुटेज में किसी का चेहरा साफ नहीं दिखा. मामला पुलिस के पास पहुंचा और मुकदमा भी दर्ज हुआ. मुरैना एसपी रियाज इकबाल ने विधायक पुत्र राहुल समेत 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ धारा 307 में केस दर्ज करवाया.
पर एसपी साहब को क्या पता था कि बेहतर लॉ एंड ऑर्डर का वादा कर एमपी में आई कमलनाथ सरकार में उनको अपना काम करने की कीमत ट्रांसफर लेकर चुकानी पड़ेगी. जी हां, 27 फरवरी को एसपी रियाज इकबाल के हाथ में ट्रांसफर ऑर्डर था. उन्हें पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया. उनकी जगह पर असित यादव को मुरैना भेजा गया है.

विधायक के साथ आरोपी पुत्र राहुल.
कारण विधायक ऐंदल सिंह कंसाना ने एसपी के खिलाफ शिकायत की थी कि उन्होंने गलत मुकदमा दर्ज किया है. अब लड़के पर हुआ मुकदमा तो खैर विधायक जी को गलत लगेगा ही. वो भी अपनी सरकार में, जो 15 साल बाद प्रदेश में लौटी है.
शिवराज बोले- वक्त बदलाव का!
मामले में अब विपक्ष का रोल अदा कर रही बीजेपी भी कूद गई है. पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट करके राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता प्रदेश में हो रही हर आपराधिक घटना के लिए भाजपा को दोष देते हैं, जबकि स्वयं विधायक पुत्र कानून से खिलवाड़ करते फिर रहे हैं. अपने नेताओं को समझाना तो दूर, जिस अधिकारी ने ईमानदारी से अपना काम किया, उसे ही सरकार ने हटा दिया. वाकई में यही है ‘वक्त बदलाव का'!

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा.
मामले में विधायक ऐंदल सिंह कंसाना ने मीडिया से कहा कि फायरिंग के वक्त मेरा बेटा टोल पर गया ही नहीं. टोल टैक्स ठेकेदार ने झूठी एफआईआर मेरे बेटे पर दर्ज करा दी है. मैंने पूरे मामले से सीएम को अवगत करा दिया है.
रही बात मामले की तो उसकी जांच मुरैना पुलिस से छीनकर सीआईडी भोपाल को सौंप दी गई है. एसपी साहब का ट्रांसफर हो ही चुका है. सभी आरोपी फरार चल रहे हैं. मध्य प्रदेश में कुछ दिन पहले ही दो जुड़वा भाइयों का अपहरण कर मर्डर करने की घटना सामने आई थी. माने लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर एमपी में सब ठीक नहीं है. नई-नई आई कमलनाथ को ये समझना होगा कि 15 साल पहले जो दिग्विजय सिंह की सरकार गई थी, उसमें ये गुंडाराज बड़ा मुद्दा था. ऐसे में वो जितनी जल्दी हो इस लॉ एंड ऑर्डर की चूड़ी कस दें, अच्छा होगा.
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टोल से मेरी व मेरे नाम से जितनी भी गाड़ियां निकलेंगी, उनसे शुल्क नहीं लिया जाएगा.मैनेजर ने इससे इनकार कर दिया. विधायक पुत्र का खून खौल उठा. फिर प्रदेश में पापा की पार्टी की सरकार हो तो ये खून और भी खौलता है. आरोप है कि इसके बाद रात 12.46 मिनट पर राहुल 15-20 अज्ञात लोगों के साथ टोल पहुंचे और वहां फायरिंग करने लगे. टोल पर हड़कंप मच गया. सभी कर्मचारी बूथ छोड़कर भाग गए. हाईवे पर ताबड़तोड़ फायरिंग से आगरा-मुंबई की ओर से आने वाले वाहन भी जहां के तहां खड़े रह गए. पर विधायक पुत्र की गुंडई जारी रही.

फायरिंग करते बदमाश.
पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने टोल प्लाजा के ऑफिस पर पांच मिनट में करीब 30 गोलियां चलाईं. बदमाशों के जवाब में टोल बूथ पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स ने भी फायरिंग की. इसमें एक युवक जख्मी हो गया. और ये सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. हालांकि सभी बदमाश मुंह पर गमछा लपेटे थे, इसलिए फुटेज में किसी का चेहरा साफ नहीं दिखा. मामला पुलिस के पास पहुंचा और मुकदमा भी दर्ज हुआ. मुरैना एसपी रियाज इकबाल ने विधायक पुत्र राहुल समेत 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ धारा 307 में केस दर्ज करवाया.
पर एसपी साहब को क्या पता था कि बेहतर लॉ एंड ऑर्डर का वादा कर एमपी में आई कमलनाथ सरकार में उनको अपना काम करने की कीमत ट्रांसफर लेकर चुकानी पड़ेगी. जी हां, 27 फरवरी को एसपी रियाज इकबाल के हाथ में ट्रांसफर ऑर्डर था. उन्हें पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया. उनकी जगह पर असित यादव को मुरैना भेजा गया है.

विधायक के साथ आरोपी पुत्र राहुल.
कारण विधायक ऐंदल सिंह कंसाना ने एसपी के खिलाफ शिकायत की थी कि उन्होंने गलत मुकदमा दर्ज किया है. अब लड़के पर हुआ मुकदमा तो खैर विधायक जी को गलत लगेगा ही. वो भी अपनी सरकार में, जो 15 साल बाद प्रदेश में लौटी है.
शिवराज बोले- वक्त बदलाव का!
मामले में अब विपक्ष का रोल अदा कर रही बीजेपी भी कूद गई है. पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट करके राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता प्रदेश में हो रही हर आपराधिक घटना के लिए भाजपा को दोष देते हैं, जबकि स्वयं विधायक पुत्र कानून से खिलवाड़ करते फिर रहे हैं. अपने नेताओं को समझाना तो दूर, जिस अधिकारी ने ईमानदारी से अपना काम किया, उसे ही सरकार ने हटा दिया. वाकई में यही है ‘वक्त बदलाव का'!

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा.
मामले में विधायक ऐंदल सिंह कंसाना ने मीडिया से कहा कि फायरिंग के वक्त मेरा बेटा टोल पर गया ही नहीं. टोल टैक्स ठेकेदार ने झूठी एफआईआर मेरे बेटे पर दर्ज करा दी है. मैंने पूरे मामले से सीएम को अवगत करा दिया है.
रही बात मामले की तो उसकी जांच मुरैना पुलिस से छीनकर सीआईडी भोपाल को सौंप दी गई है. एसपी साहब का ट्रांसफर हो ही चुका है. सभी आरोपी फरार चल रहे हैं. मध्य प्रदेश में कुछ दिन पहले ही दो जुड़वा भाइयों का अपहरण कर मर्डर करने की घटना सामने आई थी. माने लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर एमपी में सब ठीक नहीं है. नई-नई आई कमलनाथ को ये समझना होगा कि 15 साल पहले जो दिग्विजय सिंह की सरकार गई थी, उसमें ये गुंडाराज बड़ा मुद्दा था. ऐसे में वो जितनी जल्दी हो इस लॉ एंड ऑर्डर की चूड़ी कस दें, अच्छा होगा.
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