बड़ी मुसीबत में आज़म, बेटे के पास थे दो बर्थ सर्टिफिकेट, कोर्ट ने पूरे परिवार को लंबी सज़ा सुनाई
रामपुर की स्पेशल कोर्ट ने फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में आजम खान उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया था.

समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर आजम खान (Azam khan) और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने के नाम नहीं ले रही है. फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में अदालत ने आजम खान उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है. यह फैसला रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाया है. तीनों पर धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था. कोर्ट ने आज, 18 अक्टूबर को ही तीनों को दोषी करार दिया था.
इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम के फेक बर्थ सर्टिफिकेट से जुड़ा हुआ है. आरोप के मुताबिक अब्दुल्ला आजम पर दो अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट रखने का आरोप है. एक सर्टिफिकेट 28 जून 2012 को जारी हुआ जो रामपुर नगर पालिका ने जारी किया. इसमें अब्दुल्ला के जन्मस्थान के रूप में रामपुर को दिखाया गया है. जबकि दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जनवरी 2015 में जारी किया गया. इसमें अब्दुल्ला के जन्मस्थान को लखनऊ दिखाया गया है.
इसको लेकर बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दायर किया था. केस में अब्दुल्ला के पिता आजम खान और मां तजीन फातिमा को भी आरोपी बनाया गया था. अब्दुल्ला पर पहले जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने और विदेशी दौरे करने के लिए दूसरे प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का भी आरोप है. इसके अलावा उन पर जौहर विश्वविद्यालय के लिए भी इसका उपयोग करने का आरोप है. आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दोनों सर्टिफिकेट का सुविधानुसार इस्तेमाल किया.
इस केस की सुनवाई रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है. आजम खान के वकील की तरफ से अर्जी लगाई थी कि केस सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए. हालांकि ये अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी.
स्वार विधानसभा चुनाव में SP को लगा था झटकाइससे पहले स्वार सीट से विधायक रहे अब्दुल्ला आजम खान को मुरादाबाद की एक अदालत ने 15 साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा हुई थी. चुनाव में समाजवदी पार्टी को तगड़ा झटका लगा था. NDA के उम्मीदवार शफीक अहमद अंसारी (Shafique Ansari) ने लगभग 10 हजार वोट से जीत हासिल कर ली थी. अंसारी ने लगभग 67 हजार वोट हासिल किए, वहीं समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार अनुराधा चौहान (Anuradha Chauhan) को लगभग 57 हजार वोट मिले. शफीक अहमद अंसारी अपना दल (सोनेलाल) की तरफ से खड़े हुए थे, उन्हें BJP का समर्थन मिला था.

