बलरामपुर एसपी ने नहीं फॉरवर्ड किया था बुलंदशहर वाला मैसेज!
वो मैसेज एक मातहत उन्हें भेजकर ये बताना चाह रहा था कि ऐसे मैसेज वायरल हैं, लेकिन गलती से वो एक वॉट्सऐप ग्रुप में चला गया


वायरल मैसेज.
फेसबुक पर एसपी बलरामपुर अमित कुमार की तस्वीर के साथ एक वॉट्सऐप पोस्ट वायरल हो रही है. इसमें उनके सीयूजी यानी सरकारी नंबर से एक मैसेज फॉरवर्डेड दिख रहा है. मेसेज में लिखा है - बेहद ही दुखद!! निडर स्याना कोतवाल ठाकुर सुबोध कुमार सिंह आज सिगराती गांव में गौकशी की सूचना पर गए थे, जहां पर गौकशी करने वाले हरा*** ने कोतवाल पर हमला बोल दिया, जिसमें एक लड़के की भी मौत हो गई. साथ ही कोतवाल सुबोध कुमार...
इस पोस्ट के बाद फेसबुक पर कई लोगों ने नाराजगी दिखाई.

फेसबुक पोस्ट.
इस वॉट्सऐप पोस्ट और सोशल मीडिया में उनके विरोध में चल रही मुहिम पर हमने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की. 'दी लल्लनटॉप' से एसपी बलरामपुर अमित कुमार ने बताया कि वो एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर थे. उस वक्त सीयूजी नंबर कोई और इस्तेमाल कर रहा था. इसी दौरान उस नंबर पर ये मैसेज आया. जो मातहत सरकारी मोबाइल यूज कर रहे थे, वो इस मैसेज को एसपी अमित कुमार को भेजकर ये बताना चाह रहे थे कि ऐसे मैसेज फैल रहे हैं. लेकिन गलती से वो मैसेज एक ग्रुप में चला गया. इसे फिर डिलीट भी कर दिया गया था. अमित कुमार ने इस बारे में डिपार्टमेंट के अाला अफसरों को पहले ही जानकारी दे दी है.
एसपी बलरामपुर से पहले दी लल्लनटॉप का संपर्क नहीं हो पाया था. मगर बाद में उन्होंने अपना पक्ष सामने रखा. वॉट्सऐप पर जिस 'खबर बनारस' नाम के एक ग्रुप में ये मैसेज आया था. उसके एक ग्रुप मेंबर ने भी यही बताया था, जो एसपी अमित कुमार ने बताया. ग्रुप के सदस्य के मुताबिक ये मैसेज उस नंबर पर आया था. इसे किसी और ने फॉरवर्ड कर दिया था. कुछ देर में इसे डिलीट भी कर दिया गया था. मगर तब तक किसी ने स्क्रीन शॉट ले लिया. और इसे वायरल कर दिया था.
अमित कुमार 2013 बैच के आईपीएस अफ़सर हैं. अभी 28 नवंबर को ही वे बलरामपुर के एसपी बनाए गए हैं. मूल रूप से आज़मगढ़ के रहने वाले अमित कुमार ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.

अमित कुमार का प्रोफाइल.
वीडियो:

