क्रिकेट में खेल भावना एक चीज होती है. मगर समस्या ये कि क्रिकेट कानूनों को मानेंया खेल भावना को. यही बहस चल रही है कल से. कितनी ही बार हमने बल्लेबाजों को गेंदउठाकर फील्डर को पकड़ाते देखा है. ज्यादातर मौकों पर स्पिन बॉलिंग के खिलाफ खेलतेहुए ऐसा होता है. मगर इस तरह से पहली बार हुआ कि बल्लेबाज ने बॉल उठाकर कीपर को दीऔर कीपर ने आउट आउट की अपील कर बल्लेबाज को आउट करा दिया.पहले ये घटना देखिए-MUST WATCH 👀One of the most bizarre dismissals you will ever see as Pillay is given out forobstruction.▶️ https://t.co/zoapdDHrkj#U19CWC#WIvSApic.twitter.com/X6f7XIuQ4S— ICC (@ICC) January 17, 2018बुधवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच मैच चल रहा था.अफ्रीकी टीम 77 के स्कोर पर 2 विकेट खोकर खेल रही थी. जिवेशन पिल्लै 47 के स्कोर परखेल रहे थे. गेंद स्टंप्स के पास गिर कर वहीं घूमने लगी. फिर बल्ले से अपनी स्टंप्सबचाईं और गेंद उठाकर विकेटकीपर को दे दी. कीपर ने मामूली से अपील की. किसी को नहींपता चला नहीं चला कि अंपायर्स एकदम क्या डिस्कस करने लगे. और फिर थर्ड अंपायर नेआउट दे दिया.साउथ अफ्रीका ने इस मैच में वेस्टइंडीज को हरा दिया है.पता चला कि जिवेशन को फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के कानून के तहत आउट दिया गया.इससे न सिर्फ खुद ये बल्लेबाज, बल्कि खुद अफ्रीकी टीम के कई प्लेयर्स, कमेंटेर्स भीहैरान थे. ये कानून है- लॉ 37.4 (फील्डर को गेंद वापिस देना). खेल के दौरान यदिबैट्समेन बिना फील्डर से पूछे गेंद उठाकर पकड़ाता है तो ये इस कानून के तहत आउटदिया जा सकता है. इस घटना में भी अंपायर्स ने विकेटकीपर्स से पूछा कि क्या उसनेबल्लेबाज से बॉल फेंकने को कहा था, जिसके जवाब में कीपर ने न बोला.अब इस पर कई क्रिकेटर्स नाराजगी जता रहे हैं. कह रहे हैं कि एेसा तो वो सैंकड़ोंबार कर चुके हैं. कभी उन्हें तो आउट नहीं दिया गया. साथ ही इस पर भी चर्चा होनीशुरू हो गई है कि इस तरह के क्रिकेट लॉ को खत्म कर देना चाहिए. Also Read-टीम इंडिया जितने रन बनाकर जीती, उसमें 85% तो अकेले पृथ्वी शॉ ने बनाए हैंसुनिए, कोहली ने सीरीज हारने का क्या कारण बतायालगता है चेतेश्वर पुजारा को साउथ अफ्रीका में पेट्रोल की ज़रूरत हैआज ही के दिन, दस साल पहले ऑस्ट्रेलिया में द्रविड़ का सपना सच हुआ था