सोनू सूद के लिए बुरी खबर, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी बात नहीं मानी
कंगना रनौत के बाद BMC का सोनू सूद से पंगा चल रहा है.
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BMC के अनुसार सोनू को पहले भी नोटिस भेजे थे, पर कोई जवाब नहीं दिया. फोटो - इंस्टाग्राम
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BMC ने अवैध निर्माण के चक्कर में सोनू सूद के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी. जिसके बाद सोनू बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे. पर कोर्ट ने भी उन्हें कोई राहत देने से मना कर दिया. सोनू की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि बॉल पूरी तरह BMC के पाले में है. बता दें कि सोनू सूद के लॉयर अमोघ सिंह ने कोर्ट से 10 हफ्तों का टाइम मांगा था. हाई कोर्ट से रिक्वेस्ट की कि BMC को डेमोलिशन करने से रोके. जिसपर जस्टिस पृथ्वीराज ने कहा,
ये सारा मामला सोनू की जुहू स्थित बिल्डिंग शक्ति सागर से जुड़ा है. दरअसल, BMC ने आरोप लगाया था कि ये एक रेज़ीडेंशियल बिल्डिंग है. जिसे सोनू अवैध निर्माण के तहत होटल में कंवर्ट कर रहे हैं. BMC के अनुसार सोनू ने इसके लिए प्रॉपर परमिशन भी नहीं ली. BMC ने 2 राउंडस में इंस्पेक्शन भी किए. सोनू को कई नोटिस भी भेजे, जिनका सोनू ने कोई जवाब नहीं दिया. अब शक्ति सागर BMC द्वारा लिए गए डेमोलिशन एक्शन का सामना कर रही है. ये बिल्डिंग सोनू और उनकी पत्नी सोनाली के नाम पर है.

शक्ति सागर बिल्डिंग सोनू और उनकी वाइफ सोनाली के नाम पर है. फोटो - इंस्टाग्राम
BMC के नोटिस के खिलाफ सोनू डिंडोशी के सिविल कोर्ट भी गए थे. जहां उनकी अपील को खारिज कर दिया गया था. वहां से निराश होकर फिर बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे. कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोई इललीगल कंस्ट्रक्शन नहीं किया है. बिल्डिंग में सिर्फ वही बदलाव किए हैं, जिनकी परमिशन महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लैनिंग एक्ट देता है.
इसी महीने BMC ने सोनू के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी. मांग की थी कि सोनू के खिलाफ FIR दर्ज हो. हालांकि, पुलिस ने अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की है. BMC ने इस महीने 4 जनवरी को भी इंस्पेक्शन किया था. पाया गया कि सोनू और भी अवैध निर्माण कर रहे हैं. जवाब उन्होंने एक भी नोटिस का नहीं दिया. इसलिए BMC को पुलिस की मदद लेनी पड़ी.
आप बहुत लेट हैं. आपके पास इसके लिए पर्याप्त अवसर था. कानून उनकी मदद करता है, जो मेहनती होते हैं.
Bombay High Court dismisses actor Sonu Sood's petition challenging BMC notice on illegal construction at his residence https://t.co/NchYcpQmLW
— ANI (@ANI) January 21, 2021
ये सारा मामला सोनू की जुहू स्थित बिल्डिंग शक्ति सागर से जुड़ा है. दरअसल, BMC ने आरोप लगाया था कि ये एक रेज़ीडेंशियल बिल्डिंग है. जिसे सोनू अवैध निर्माण के तहत होटल में कंवर्ट कर रहे हैं. BMC के अनुसार सोनू ने इसके लिए प्रॉपर परमिशन भी नहीं ली. BMC ने 2 राउंडस में इंस्पेक्शन भी किए. सोनू को कई नोटिस भी भेजे, जिनका सोनू ने कोई जवाब नहीं दिया. अब शक्ति सागर BMC द्वारा लिए गए डेमोलिशन एक्शन का सामना कर रही है. ये बिल्डिंग सोनू और उनकी पत्नी सोनाली के नाम पर है.

शक्ति सागर बिल्डिंग सोनू और उनकी वाइफ सोनाली के नाम पर है. फोटो - इंस्टाग्राम
BMC के नोटिस के खिलाफ सोनू डिंडोशी के सिविल कोर्ट भी गए थे. जहां उनकी अपील को खारिज कर दिया गया था. वहां से निराश होकर फिर बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे. कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोई इललीगल कंस्ट्रक्शन नहीं किया है. बिल्डिंग में सिर्फ वही बदलाव किए हैं, जिनकी परमिशन महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लैनिंग एक्ट देता है.
इसी महीने BMC ने सोनू के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज करवाई थी. मांग की थी कि सोनू के खिलाफ FIR दर्ज हो. हालांकि, पुलिस ने अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की है. BMC ने इस महीने 4 जनवरी को भी इंस्पेक्शन किया था. पाया गया कि सोनू और भी अवैध निर्माण कर रहे हैं. जवाब उन्होंने एक भी नोटिस का नहीं दिया. इसलिए BMC को पुलिस की मदद लेनी पड़ी.

