मोदी जी ने चरखे के साथ फोटो खिंचवाई और वो फोटो खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर मेंछप गई. प्रधानमंत्री के समर्थकों का कहना है कि नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने 2 सालमें खादी की बिक्री में जो इज़ाफा किया है इस वजह से उनका इस तस्वीर पर आना सही है.बापू की बात करने वाले या उनके नाम पर सियासत करने वाले कहते हैं ये देश से गांधीके इतिहास मिटाने की कोशिश है. हम तो यही कहेंगे कि ये पूरा प्रकरण एक बार फिरगांधी को प्रासंगिक बना देता है. तमाम सियासी नारों और विचारधाराओं की रस्साकशी केबीच गांधी और बुद्ध के सिद्धांत ही हैं जो हिंदुस्तान को हिंदुस्तान बनाते हैं.खैर, फोटोशॉप के महारथियों ने सोशल मीडिया में नरेंद्र भाई की तस्वीरों को लेकर कुछगजब काम कर दिया है. वेबसाइट फिल्टर कॉपी ने इन तस्वीरों को पोस्ट किया है. आप भीवायरल हो रही इस तस्वीरों का मज़ा लीजिए. वैसे फिल्टरकॉपी की इन सभी तस्वीरों केसाथ-साथ किसी ने पहले से फोटोशॉप की हुई बापू की तस्वीर को फिर से फोटोशॉप कर दिया.आप अपनी भावनाओं को आहत करने के स्वयंसिद्ध रिस्क के साथ ओरिजिनल फोटोशॉप रिस्क केसाथ ये तस्वीर देखें.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें :अनिल विज की बात सुन तो अर्थशास्त्रियों ने भी अपनी किताबें जला दींआप गांधी पर गुस्सा हो, चप्पल पर शिव जी भी बिक रहे हैंमोदी को अपने गोडसे भक्त समर्थकों पर यकीन है, इसलिए वे गांधी हो जाना चाहते हैंअब नोटों पर भी गांधी के रिप्लेसमेंट का वक्त आ गया है!