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JDU में शामिल हुए स्वामी अग्निवेश की टांग पहले कहां-कहां फंसी रही है

जानें कैसे एक लॉ ग्रेजुएट बाबा बन गया.

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25 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 25 जुलाई 2016, 11:14 AM IST)
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स्वामी अग्निवेश की पॉलिटिकल कनेक्शन बनाए रखने की इच्छा खत्म नहीं हो रही है. उन्होंने JDU का दामन थाम लिया है. एक प्रोगाम में अग्निवेश के JDU में शामिल होने का ऐलान किया गया. इस प्रोग्राम में JDU के दो महासचिव अरुण श्रीवास्तव और श्याम रजाक मौजूद थे.

देश भर में शराब बंद कराने के लिए काम करेंगे

अग्निवेश का कहना है कि वो नीतीश की शराबबंदी की मुहिम को और मजबूत बनाएंगे. असंगठित क्षेत्र यानी जहां मजदूरों की नौकरी एकदम पक्की नहीं होती. और बहुत कम पैसे पर काम करते हैं, उनके अधिकारों और कम से कम एक मजदूरी निश्चित करने के लिए भी कोशिश करेंगे. अग्निवेश ने शराबबंदी वाला आंदोलन देशभर में और जोर-शोर से चलाने की बात भी कही, हालांकि वो इसके लिए लंबे वक्त से काम कर रहे हैं.

पुराना प्यार है पॉलिटिक्स

1970 में अग्निवेश ने आर्य सभा नाम की पॉलिटिकल पार्टी बनाई, जो कि आर्य समाज के प्रिंसिपल पर काम करती थी. 1977 में अग्निवेश MLA हुए हरियाणा से. 1979 में वो हरियाणा कैबिनेट में शिक्षा मंत्री भी रहे. 1981 में इन्होंने बॉन्डेड लेबर लिबरेशन फ्रंट भी बनाया. माने मजदूरों वाली लड़ाई लंबी चली आ रही है इनकी.

2011 के अन्ना आंदोलन से जुड़े थे, बाद में एक वीडियो के चलते अलग हो गए

अग्निवेश आर्यसमाज से जुड़े हुए हैं. वो सामाजिक कार्यकर्ता हैं और आदिवासी मुद्दों से लेकर तमाम सिविल राइट्स के आंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं. हरियाणा से विधायक भी रह चुके हैं. अन्ना हजारे के 2011 वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी इन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. तभी इनका कपिल सिब्बल के साथ एक सेटिंग करने वाला वीडियो सामने आया. जिसके बाद उन्होंने आंदोलन से किनारा कर लिया था.

लॉ, कॉमर्स पढ़े, फिर बाबा बन गए

अग्निवेश की पैदाइश आंध्र प्रदेश की है. 4 साल के ही थे, तभी इनके पिता जी गुजर गए थे. छत्तीसगढ़ में शक्ति नाम की एक रियासत थी. जिसमें इनके नाना दीवान हुआ करते थे. वो इनको ले आए और इनकी परवरिश नाना ने ही की. अग्निवेश ने जमके पढ़ाई की. लॉ और कॉमर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री बटोर ली. फिर कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में मैनेजमेंट के लेक्चरर हो गए. वैसे कुछ दिन इन्होंने सब्यसाची मुखर्जी के अंडर रहकर लॉ प्रैक्टिस भी की थी. जी हां, वही सब्यसाची मुखर्जी, जो बाद में इंडिया के चीफ जस्टिस बने. फिर एक दिन अचानक से ज्ञान मिला और 28 की उम्र में सब छोड़-छाड़ के आर्य समाज ज्वाइन कर लिया. शादी नहीं किए हैं. वैसे 14 महीने मर्डर के आरोप में जेल में भी रहे हैं. पर बाद में इनको बरी कर दिया गया. अगस्त 2011 में अग्निवेश 3 दिन बिग बॉस के घर में भी बिता चुके हैं.

माओवादियों की मदद को गए थे, पीट दिए गए

2011 में माओवादियों ने 3 सिक्योरिटी वालों को मार दिया था, जिसके बाद पुलिस ने एक पूरे गांव को माओवादी होने के शक पर जला दिया था. अग्निवेश वहां उनकी मदद करने अपनी टीम के साथ पहुंचे, तो माओवादियों ने इनके काफिले पर ही हमला बोल दिया था.

हिंदूवादी संगठनों की आंख की किरकिरी हैं बाबा

बीफ खाने और तमाम मुद्दों पर बेबाकी से बोलने के लिए जाने जाते हैं. पर कई बार इनके चलते मुसीबत में भी फंस जाते हैं. यही देख लो. बोले थे 'अमरनाथ में बनने वाला शिवलिंग नैचुरल प्रोसेस है, फिर भी हर साल लोग वहां पता नहीं क्यों पहुंच जाते हैं?' बस हो गई धार्मिक लोगों की भावनाएं आहत. फिर किसी ने पीट दिया इनको, वो भी एक पब्लिक फंक्शन में. न मानो वीडियो देख लो - https://www.youtube.com/watch?v=1DIFm27gUl4

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