वेस्टइंडीज के खिलाडियों के रंग पर हंसे हैं तो ये भी देखिए
साथियों पर हमला हुआ तो सारी टीम 'काली' हो गई, जर्मनी की इस फुटबॉल टीम से कुछ हमें भी सीखना चाहिए.
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फोटो - thelallantop
उत्तरी जर्मनी की एक फुटबॉल टीम है. Deinster SV. इसके दो मेंबर्स पर हमला हुआ. वजह ? वो दोनों अश्वेत थे. रिफ्यूजी थे. टीम उनके सपोर्ट में आई. सड़कों पर नहीं. फेसबुक पर. ये फोटो अपलोड की. जिसमें एडिटिंग के बाद सारे खिलाड़ियों का रंग काला दिखाया गया था. हुआ ये था कि Deinster SV के दो खिलाड़ियों इमाद और अमर से 26 फरवरी को ईस्टर के एक कार्यक्रम में मारपीट और कलर में ब्लैक होने के कारण दुर्व्यवहार किया गया था.
हम ये क्यों पढ़ा रहे हैं? क्योंकि वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के रंग को लेकर मजाक बना रहे थे. कल वेस्टइंडीज का मैच था इंडिया से. और लोगों ने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का कलर ब्लैक होने के कारण जमकर मजाक उड़ाया.
नमूना देखिए.
रंगभेद को लेकर हमारी आम सोच ये होती है कि ये विदेशों में होता है, और अगर हम इस पर किसी की खिल्ली उड़ा रहे हैं तो वो अपमानजनक नहीं है क्योंकि हम सीधे उन पर हमला नहीं कर रहे. ये गलत है और आपको ये समझना होगा. अंग्रेज हमें काले कुली कहते थे. इस देश ने खुद रंगभेद सहा है. फिर हम ऐसे किसी का मजाक क्यों उड़ाते हैं? ये गलत है, गंदा है, मजेदार नहीं है, और हमें इससे बचना चाहिए.
Unser Freund und Mitspieler Emad wurde am Samstag, aus rassistischen Gründen, beschimpft und geschlagen. Das ist einfach... Posted by Deinster SV on Wednesday, 30 March 2016
रंगभेद को लेकर हमारी आम सोच ये होती है कि ये विदेशों में होता है, और अगर हम इस पर किसी की खिल्ली उड़ा रहे हैं तो वो अपमानजनक नहीं है क्योंकि हम सीधे उन पर हमला नहीं कर रहे. ये गलत है और आपको ये समझना होगा. अंग्रेज हमें काले कुली कहते थे. इस देश ने खुद रंगभेद सहा है. फिर हम ऐसे किसी का मजाक क्यों उड़ाते हैं? ये गलत है, गंदा है, मजेदार नहीं है, और हमें इससे बचना चाहिए.

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