स्मृति ईरानी बहुत दिनों से खबरों से नदारद चल रही थीं. जब शिक्षामंत्री थीं, तब हरदूसरे-चौथे दिन उनका कोई न कोई पंगा हो जाता था, लेकिन जब से टेक्सटाइल मिनिस्टरबनी हैं, तब से ऐसा लग रहा है, जैसे नेपथ्य में चल रही हों. खैर, बड़े दिनों बादस्मृति खबरों में हैं. कोयंबटूर में उन्होंने एक मोची के साथ जो किया है, वो एकदमगिल्ल कर देने वाला मामला है.कोयंबटूर में ईशा नाम का एक फाउंडेशन है. स्मृति को इस फाउंडेशन के एक सेशन मेंस्पीच देनी थी, जिसके लिए वो वहां गई थीं. एयरपोर्ट पर उतरते समय उनकी चप्पल टूटगई. अब वहां न तो चप्पल बनवा सकती थीं और न नई खरीद सकती थीं. तो जब वो इवेंट वालीजगह जा रही थीं, तो एयरपोर्ट से करीब 16 किमी दूर पेरूर नाम की जगह पर उनकी निगाहएक मोची पर पड़ी. उन्होंने वहीं गाड़ी रुकवाई और चप्पल ठीक कराने मोची के पास बैठगईं.मोची की दुकान पर स्मृतिइस दौरान आसपास इकट्ठा लोगों ने उनकी मोची के पास स्टूल बैठे हुए फोटो भी खींच लीं,जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. चप्पल ठीक होने के बाद जब मोची ने स्मृति से 10रुपए मांगे, तो स्मृति उसे 100 का नोट देते हुए बोलीं, 'चेंज वेंडा'. यानी 'छुट्टेनहीं चाहिए.' स्मृति की इस बात से मोची इतना खुश हो गया कि उसने स्मृति को रोका औरउनकी चप्पल में दो-चार टांके और लगा दिए.मोची के पास से चप्पल जुड़वाकर स्मृति चली गईं, लेकिन बीते दिनों से ये मामला सोशलमीडिया पर छाया हुआ है. जिस समय स्मृति मोची के पास थीं, उस समय वहां बीजेपीमहासचिव वनाथी श्रीनिवासन भी मौजूद थे. जो भी है, मोची और स्मृति, दोनों के लिएअच्छा ही हुआ.