दिल्ली में पॉल्यूशन का लेवल रेड अलर्ट लेवल पार कर चुका है. दिवाली के बाद आजसातवें दिन भी दिल्ली पर धुंध का कब्जा है और ये लगातार बढ़ता ही जा रहा है. शनिवारको तो हालत इतनी खराब थी कि पॉल्यूशन चेक करने वाला मीटर पॉल्यूशन लेवल को रिकॉर्डही नहीं कर पाया. लोग मास्क लगाकर घूम रहे हैं. कोई पॉल्यूशन से बचने के लिए गीलारूमाल पहनकर घर से निकल रहा है. बच्चों को उनकी मांएं अपने दुपट्टे से मुंह ढक करले जा रही हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार इस सीजन का सबसे ज्यादा स्मॉग वालादिन था. उन्होंने लोगों को घरों में रहने की सलाह देते हुए कहा, 'जिन लोगों को कामसे बाहर निकलना ही पड़े, वो मास्क पहनकर निकले.' इंडियन मेडिकल असोसिएशन के महासचिवकेके अग्रवाल ने एबीपी न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली का ये मौसम सबके लिएखतरनाक है. अमूमन पॉल्यूशन के लेवल को लेकर जब बात होती है, तो पीएम 2.5 और पीएम 10से उसके लेवल को चेक किया जाता है. डॉक्टर अग्रवाल ने घर के अंदर, बाहर और कार मेंपॉल्यूशन को लेकर बात की और कहा कि घर के अंदर भी लोग सेफ नहीं है. प्यूरिफायरलगाने के बाद घर के अंदर का पॉल्यूशन लेवल बहुत ज्यादा था. घर के अंदर पीएम 10, 540रिकॉर्ड किया गया और पीएम 2.5, 415. यानी बहुत ज्यादा. घर के बाहर भी पॉल्यूशन लेवलके इन आंकड़ों में इजाफा हुआ है. पीएम 10, हजार के पार चला गया और पीएम 2.5, 700 केपार रहा. बहुत लोगों को लगता है कि कार के अंदर एसी चला देने से पॉल्यूशन कम होजाता है और वो सेफ होते हैं, पर ऐसा कतई नहीं है. डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक, कारके अंदर भी पॉल्यूशन का लेवल लगभग वही रहता है. कोई खास अंतर नहीं आता. दिल्ली मेंपॉल्यूशन की मौजूदा स्थिति खतरे का लेवल पार कर चुकी है. दिल्ली के पूसा रोड, मथुरारोड और एयरपोर्ट पर भी पीएम 2.5, 500 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जो लोगों केहेल्थ के लिए खतरनाक है. दिल्ली से सटे नोएडा का भी यही हाल है. विशेषज्ञों कीमानें तो दिल्ली में पॉल्यूशन के लिए असली जिम्मेदार पटाखे हैं, जो दिवाली की रातजलाए गए. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और वेस्ट यूपी में खेतों में जलाई गई पराली सेउठे धुंए ने भी पॉल्यूशन को बहुत बढ़ा दिया. डॉक्टर अग्रवाल ने इससे बचने के लिए कईउपाए बताए हैं. उनके मुताबिक ऑड-ईवन को लागू करने ये सबसे जरूरी समय है. उनकेमुताबिक: 1. कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम बंद हों. 2. डेड बॉडी को जलाने के लिएइलेक्ट्रिक मशीन यूज में लाई जाएं. 3. सड़कों पर पानी का छिड़काव हो. 4. घरों मेंलोग पूजा करने के लिए धूप-बत्ती का इस्तेमाल न करें और कागज, सूखी पत्तियां नजलाएं. स्मॉग से बचने के लिए कौन सा मास्क लगाएं? पॉल्यूशन से बचने के लिए लोगों केपास कोई खास जानकारी नहीं है. वो अपने तरीके से इससे बचने की कोशिश कर रहे हैं.मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले मास्क उनमें से एक है. किसी ने सर्जिकल मास्क खरीद लियाहै, तो किसी ने डस्ट वाला. ढेर सारे लोग रुमाल को गीला करके मुंह पर बांध रहे हैं.इन सबको लग रहा है कि स्मॉग से बचने के लिए ये उपाय कारगर होंगे, लेकिन ऐसा नहींहै. सर्जिकल या डस्ट वाले मास्क और रुमाल से कोई फायदा नहीं होता है. N95 औरN350. स्मॉग से बचना है, तो ये दोनों मास्क ही काम आएंगे. ये आपको मेडिकल स्टोर्सपर आसानी से मिल जाएंगे और इनकी कीमत भी कोई ज्यादा नहीं है. 50 से 100 रुपए के बीचबिक रहे हैं ये मास्क. N95 और N350 पूरी तरह से नाक और मुंह को ढक लेता है और पीएम2.5 को आपके फेफड़ों में जाने से रोकता है. ये मास्क लगभग 95 पर्सेंट पार्टीकुलेटमैटर्स को रोकता है. कितने परेशान हैं लोग? पॉल्यूशन को लेकर लोग जंतर-मंतर परप्रदर्शन कर रहे हैं. #RightTobreathe ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है. लोग अपनी-अपनीराय दे रहे हैं. इस स्थिति को लोगों ने इमरजेंसी का नाम दिया है. संजीव कुमार कहतेहैं, 'पॉल्यूशन बच्चों के हेल्थ को डैमेज कर रहा है. मौका रहते कुछ किया नहीं गयातो फ्यूचर अंधेरे में चला जाएगा.' दिल्ली के करनाल सिंह स्टेडियम में त्रिपुरा औरहैदराबाद के बीच रंणजी मैच चल रहा है, जहां प्लेयर्स मास्क लगाकर खेलने को मजबूरहैं. रणजी ट्रॉफी के मैच रद्द होने की भी बात चल रही है. ट्विटर पर तो एक यूजर नेतो कहा कि पॉल्यूशन को लेकर स्कूल कभी बंद नहीं हुए थे, लेकिन इस बार ऐसा हुआ है.हम अपने बच्चों को ऐसे तो बड़ा नहीं कर सकते. पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल नेकिसानों से फसलों को जलाने से मना किया है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने संडेको एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. उस मीटिंग का मुद्दा पॉल्यूशन है.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़िये...क्या दिल्ली में एक साथ सारे लोग मर जाएंगे?इन जगहों पर सांस लेने की वजह से मर जाते हैं लोग