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सिंघु बॉर्डर पर 'जय श्रीराम' के नारे लगे, किसानों से कहा गया- हाइवे खाली करो

रेवाड़ी में भी कुछ गांववालों ने धरने पर बैठे किसानों को अल्टिमेटम दे दिया है.

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28 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 29 जनवरी 2021, 06:45 AM IST)
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दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलनकारियों के विरोध में उतरे लोगों ने कई दिक्कतों का हवाला दिया. (तस्वीर: एएनआई)
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नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान करीब दो महीने से सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर भी आंदोलन कर रहे हैं. 28 जनवरी को यहां कुछ लोग पहुंचे और किसान संगठनों से रास्ता खाली करने को कहा. इन लोगों ने 'भारत माता की जय', 'जय श्री राम', 'तिरंगे का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान' और 'सिंघु बॉर्डर खाली करो, खाली करो, जैसे नारे भी लगाए. इन लोगों का कहना था कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर रैली में जो हिंसा हुई, उससे नाराज़ हैं. उन्होंने दावा किया कि वो स्थानीय लोग हैं. इतने दिनों से सड़कों पर किसानों के धरने से उन्हें आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं. वीडियो देखिए- किसानों के धरना प्रदर्शन का विरोध करने आए ये लोग कुछ ही देर बाद लौट गए. मामले को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है. पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर रोड का एक तरफ का रास्ता सीमेंट के बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया ताकि प्रदर्शनकारी दूसरी तरफ से न आ सकें. इसका भी विरोध किया गया. प्रदर्शन करने वाले खुद को स्थानीय लोग बता रहे थे, लेकिन बाद में हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने दावा किया कि उनके संगठन ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन किया था. रेवाड़ी में किसानों को अल्टिमेटम गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में हुई हिंसा के बाद रेवाड़ी के कुछ लोग भी नाराज़ हैं. यहां दिल्ली-जयपुर हाइवे पर स्थित मसानी बैराज पर पिछले करीब डेढ़ महीने से किसान आंदोलनकारी बैठे हुए हैं. डूंगरवास सहित करीब 20 गांवों के तमाम लोगों ने इन प्रदर्शनकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर कहा है कि हाइवे खाली कर दें. इन ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसान रास्ता खाली नहीं करेंगे तो वो चुप नहीं बैठेंगे. उनका दावा है कि पिछले डेढ़ महीने से मसानी बैराज पर चल रहे किसान आंदोलन के कारण आवाजाही सहित कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं. इस विरोध को लेकर आंदोलनकारियों के साथ उनकी तनातनी भी हुई. तनाव बढ़ता देख पुलिस ने किसानों को हाइवे खाली करने का सुझाव दिया है. यूपी में कई जगह धरना खत्म इधर यूपी में कुछ जगहों पर किसान प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना खत्म कर दिया है. यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर और दलित प्रेरणा स्थल पर किसान खुद आंदोलन खत्म करके चले गए हैं. वहीं बागपत में NHAI के प्रोजेक्ट का हवाला देकर अधिकारियों ने समझाया तो किसान रात को उठकर चले गए. यूपी गेट पर कुछ लोग जरूर मौजूद हैं. उनसे बातचीत की जा रही है.

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