भोपाल एनकाउंटर केस में उस चश्मदीद का बयान सामने आया है, जिसने सबसे पहले सिमी केसंदिग्ध आतंकियों को नदी की तरफ जाते देखा था. उसका कहना है कि उन लोगों के पासहथियार नहीं थे. नरेश पाल नाम ने पुलिस को सबसे पहले SIMI मेंबर्स के बारे मेंजानकारी दी और बताया कि उन्होंने सवेरे आठों को खेतों के बीच से नदी की ओर जाते हुएदेखा. नरेश का कहना है कि किसी ने भी उनके 'जय श्रीराम' का जवाब नहीं दिया. सवेरेकरीब 7 बजे जब गांव चांदपुर के रहने वाले नरेश पाल अपने घर से बाहर निकले तोउन्होंने खेतों के बीच से आठ लोगों को जाते हुए देखा. नदी से करीब आधे किमी दूर.नरेश 24 साल के हैं. गांव के पास ही उनके खेत हैं. उनका एक स्टोर भी है. नरेश ने जबइन आठ लोगों को देखा तो उनको लगा कि नदी की ओर जा रहे हैं शायद ये मछुआरे होंगे, याफिर आस-पास के किसी गांव के होंगे. # खेजड़ादेव पंचायत के चांदपुर गांव के निवासीनरेश पाल ने सबसे पहले SIMI मेंबर्स को देखा था. # नरेश ने चिल्लाकर अभिवादन करतेहुए उनसे जय श्री राम कहा. पर उन लोगों ने रिस्पांड नहीं किया. # नरेश के मुताबिकवो लोग अपने पैंट और जूते हाथ में लिए हुए थे, लेकिन उनके पास कोई हथियार नहीं थे.# नरेश ने ही पुलिस को शक होने पर SIMI मेंबर्स के बारे में बताया. # उन्हें स्पॉटपर ATS वाले ले गए पर पहाड़ पर जाने नहीं दिया गया. # बाद में SIMI मेंबर्स जहांमारे गए, वो जगह मुश्किल से चांदपुर से 3 किमी दूर है. इस तरह नरेश पाल अनजाने मेंही इस घटना के पहले विटनेस बन गए. 'इंडियन एक्सप्रेस' अखबार से बात करते हुए नरेशने कहा, कुछ देर बाद मैंने उनमें से तीन लोगों को फिर देखा. गांव में बिजली कम हीआती है. सवेरे आ रही थी तो मैं खेतों में पानी चलाने के लिए चला गया. खेत नदी केपास ही है. मैंने तीन लोगों को नदी के उस पार देखा. तीनों ने अपनी पैंट और जूतेउतार रखे थे. और उनको अपने हाथ में लिए हुए थे. उनमें से एक के हाथ में बैग भी था.मैंने उनके पास कोई हथियार नहीं देखा. बाकी पांच उस वक्त नदी पार कर रहे होंगेक्योंकि मैंने उन्हें नहीं देखा. मैंने अपना हाथ उठाया और चिल्लाकर अभिवादन किया,जय श्री राम . पर कोई जवाब नहीं आया. पर नरेश जब करीब आठ बजे घर पहुंचे तब उनको समझआया, यहां लंबा बवाल हुआ पड़ा है. मामला कुछ ज्यादा ही बड़ा है. नरेश कहते हैं किमुझे शक हुआ. मेरा फोन भी काम नहीं कर रहा था. इसलिए मैंने पास के ही एक किसानज्ञान सिंह से मोबाइल लिया और 100 नंबर पर फोन किया. पुलिस वाले ने मुझसे कहा किक्या मैंने उन्हें कपड़े बदलते हुए देखा था? उसने मुझे एटखेड़ी आने को कहा. परमैंने कहा कि मैं नहीं आ सकता. बाद में ATS वाले ज्ञान सिंह और नरेश पाल को चांदपुरकी मेन बस्ती में ले गए और दूसरे गांव वालों को इसके बारे में बताया. नरेश के हिसाबसे फिर करीब 10 बजे ATS वाले उसे मेनखेड़ी ले गए जो कि गांव से करीब 3 किमी दूर है.नरेश ने बताया, हम उन लोगों को पहाड़ पर चढ़ते हुए देख रहे थे. मैंने भी उनका पीछाकिया पर कुछ देर बाद मुझे रोक दिया गया. उससे आगे मुझे जाने नहीं दिया गया. कुछ हीमिनटों में, आठों पहाड़ पर चढ़ गए और पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. नरेशने इसके बाद दूर से ही गोली चलने की आवाज सुनी. नरेश ने कहा, पर मुझे ये नहीं पताकि गोली एक ही ओर से चली थी या दोनों ओर से. नरेश ने बताया कि मैंने लाशें भी नहींदेखी थीं. फिर भी वो मुझे जाने भी नहीं दे रहे थे. बुधवार तक वहां बहुत से लोग आए.वो एनकाउंटर वाला स्पॉट देखना चाहते थे. गुरूवार तक हालांकि लोग कम हो गए थे.पत्थरों पर खून के निशान बस पड़े हुए थे. जहां पर एक से लेकर आठ तक मारे गए लोगोंके नंबर लिखे हुए थे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -SIMI के 29 संदिग्धों के भागने की तैयारी के सबूत मिले!सिमी के संदिग्ध आतंकियों के एनकाउंटर के वक्त का वीडियोजो एनकाउंटर में मारे गए, उनके बारे में सबसे डरावनी बात पढ़िएभोपाल जेल से फरार संदिग्ध आतंकियों का एनकाउंटर, आठों हलाकमध्य प्रदेश 'एनकाउंटर' का तीसरा वीडियो, जिससे पूरी पिक्चर क्लियर हो गई है