मर्डर के समय सिद्धू मूसेवाला की गाड़ी में बज रहा था गाना - '"जवानी में उठेगा जनाजा"
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के अहम चश्मदीद गवाह गुरविंदर सिंह ने बताया कि उस दिन क्या-क्या हुआ था.

पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) रविवार 29 मई की शाम दो दोस्तों के साथ अपनी महिंद्रा थार गाड़ी में कहीं जा रहे थे. इस दौरान उन पर हमला हुआ. उनकी गाड़ी पर ताबड़-तोड़ फायरिंग हुई और घायल हुए सिद्धू की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उनकी शरीर से 24 गोलियां आर-पार हो गई थीं. उस वक्त सिद्धू के साथ मौजूद उनके एक दोस्त ने बताया है कि उस शाम क्या-क्या हुआ था.
“मैंने रविवार को बाहर जाते समय उससे (सिद्धू मूसेवाला) बुलेटप्रूफ कार से चलने के लिए कहा था. लेकिन वह कॉम्पैक्ट एसयूवी (थार) से चलना चाहता था.”
इंडिया टुडे को ये जानकारी देने वाले सिद्धू मूसेवाला के दोस्त गुरविंदर सिंह भी उस गोलीबारी में घायल हुए हैं. सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में उनके दो दोस्त चश्मदीद गवाह हैं, जो उस वक्त गाड़ी में मौजूद थे. दोनों दोस्तों का लुधियाना के अस्पताल में इलाज चल रहा है.
सिद्धू मूसेवाला ने दोस्तों से कहा कि थार से चलते हैं, मनपसंद गाना भी बजवायाआजतक के तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक गुरविंदर सिंह ने बताया कि सिद्धू पर गोलियां बरसने से ठीक पहले कार में 'उठेगा जवानी विच जनाजा मिठिए' गाना बज रहा था. गुरविंदर सिंह ने बताया कि ये गाना सिद्धू की फरमाइश पर ही बज रहा था. बता दें कि 'उठेगा जवानी विच जनाजा मिठिए' गाना सिद्धू मूसेवाला ने ही गाया है. The Last Ride नाम से इसे दो हफ्ते पहले ही रिलीज किया गया था.
सिद्धू मूसेवाला के शव के पोस्टमॉर्टम में क्या पता चला?सिद्धू मूसेवाला के शव का सोमवार, 30 मई की रात पोस्टमॉर्टम किया गया. ऐसा बताया जा रहा हा कि पोस्टमॉर्टम में मूसेवाला के शरीर पर 24 गोलियों के घाव पाए गए. वहीं, एक बुलेट सिर की हड्डी में जा फंसी थी. मूसेवाला को ज्यादातर गोलियां छाती और पेट पर मारी गईं, जबकि दो गोलियां दाहिने पैर में लगी थीं. मानसा जिला अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की मौत ज्यादा खून बहने से हुई. वहीं 31 मई की दोपहर सिद्धू मूसेवाला का अंतिम संस्कार मानसा जिले के उनके पैतृक गांव मूसा में कर दिया गया.
वीडियो- सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: पुलिस ने उत्तराखंड से 6 लोगों को हिरासत में लिया

