बस थोड़े ही दिन में बन जाएगा प्रवेश शुक्ला का घर? कौन कर रहा है पेशाब कांड के आरोपी की मदद?
'ब्राह्मण समाज' नाम के संगठन ने मध्य प्रदेश के सीधी कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला के परिवार के टूटे हुए घर को फिर से बनाने के लिए कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन के तहत पैसे इकट्ठे करने की बात कही गई है.

'ब्राह्मण समाज' नाम के संगठन ने मध्य प्रदेश के सीधी कांड (Sidhi Urination) के आरोपी प्रवेश शुक्ला (Pravesh Shukla) के परिवार के टूटे हुए घर को फिर से बनाने के लिए कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन के तहत पैसे इकट्ठे करने की बात कही गई है. आरोपी प्रवेश शुक्ला के पिता रमाकांत शुक्ला का बैंक अकाउंट नंबर व्हाट्सऐप पर शेयर किया जा रहा है और लोगों ने पैसे देने भी शुरु कर दिए हैं.
संगठन का कहना है कि प्रवेश शुक्ला के परिवार के घर पर बुलडोजर चलने की वजह से ब्राह्मण समुदाय के लोग प्रशासन से नाराज हैं. संगठन के राज्य अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने मीडिया से कहा कि संगठन परिवार का टूटा हुआ घर बनाएगा. उन्होंने कहा कि आरोपी ने जो किया वो निंदनीय है लेकिन इसकी सजा पूरे परिवार को क्यों मिले? पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि संगठन ने शुरुआत में परिवार को 51 हजार रुपये की मदद दी थी और अब परिवार के मुखिया का अकाउंट का नंबर पूरे संगठन में दे दिया गया है.
हाई कोर्ट में याचिकाये जानकारी भी सामने आई है कि 'ब्राह्मण समाज' की तरफ से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की जाएगी. संगठन का कहना है कि प्रवेश शुक्ला के परिवार का घर वैध था और संगठन यह जानना चाहेगा कि आखिर किस कानून के तहत घर तोड़ा गया.
इससे पहले प्रवेश शुक्ला के पिता का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उन्होंने कहा था कि उनके बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो लेकिन आखिर किस आधार पर उनके घर पर बुलडोजर चलाया गया? रमाकांत शुक्ला ने कहा था कि मध्य प्रदेश का कानून कहता है कि बारिश के मौसम में किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं तोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि उनका परिवार बिना कोई गलती किए सजा भुगत रहा है.
इस मामले में प्रवेश शुक्ला को गिरफ्तार किया जा चुका है. उसके ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रवेश शुक्ला पर आरोप है कि उसने एक आदिवासी युवक पर पेशाब किया. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग हुई. अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो कुछ समय पुराना है.

