श्री श्री रविशंकर बाबा आदमी हैं. बाबा लोग पॉलिटिक्स में इंट्रेस्ट लेते ही हैं.फिर मोदी की चरखा चलाती फोटो पर हर ऐरा गैरा इंट्रेस्ट ले रहा है तो वो क्यों नलें. तो उनका बयान आया है. मोदी का नाम नहीं लिया. लेकिन 'मन की बात' कर दी है.कोटा में दो दिन के लिए आए तो भड़ास निकाल दी. वो जो बोले हैं उसको पढ़ो, और उनकेबोलने के स्टाइल को मन में इमेजिन कर लेना, और अच्छा लगेगा. चरखा लिए गांधी का फोटोसहज लगता था. उसको वैसे ही रहने देना चाहिए था. किसी ने बड़े उत्साह कुछ किया होगालेकिन गांधी तो रोज चरखे पर काम करते थे. इसलिए ये उनका सहज चित्र था. हर कोई चरखाथोड़ी चला सकता है देश में. गांधी को किनारे न करें, उनको प्रधानता दें. बाकी नेताचरखा लेकर बैठें तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है. आजकल कोई चरखा नहीं चलाता है. ये उसवक्त की परिस्थितियों की तस्वीर थी. बात तो कांटे की कहे हैं गुरू जी. लेकिन सरकारसे पंगा लेने के चक्कर में लिभड़ न जाना. पुराने पाप खोद निकालते हैं ट्रोलर लोग.संभाल के हां.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: श्री श्री! अगली बार चंबल घाटी में कल्चर फेस्टिवल कराना इस वजह सेनाम के आगे श्री श्री रविशंकर ने लगाया श्री श्री स्कर्ट जनाना पहनावा नहीं है,श्री श्री का मजाक न उड़ाओ 'डबल श्री ने यमुना किनारे ऐसी मचाई तबाही, जिसकी अब कभीन होगी भरपाई'