The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Should Afghanistan not been given the status of test playing nation by ICC

पहले टेस्ट मैच में अफ़गानिस्तान को ख़ारिज़ करने वाले ज़रा इधर ध्यान दें

इन 5 टीमों ने भी शुरू में धूल चाटी थी.

Advertisement
pic
17 जून 2018 (अपडेटेड: 17 जून 2018, 03:15 PM IST)
Img The Lallantop
अफगानिस्तान की टेस्ट टीम का पहला ही मुकाबला नंबर एक टीम इंडिया से हुआ.
Quick AI Highlights
Click here to view more
अफगानिस्तान. इस देश का नाम सुनते ही जेहन में कुछ ऐसे दृश्य तैरने लगते हैं जिसे आप अपने वास्तविक जीवन में कभी भी सामने से नहीं देखना चाहेंगे. अमानवों द्वारा मानवों के खिलाफ फैलाई गई तबाही. बेहिसाब बर्बादी. इसी देश के कुछ नौजवान अपने देश की अलग तस्वीर पेश करने की मुहिम में जुटे हैं. अफगानिस्तान क्रिकेट टीम. हौले-हौले ही सही, इस टीम ने बड़े मौकों पर अपनी कामयाबी का झंडा गाड़ा है.
14 जून 2018. बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम. अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में नए अध्य्याय की शुरुआत हो रही थी. 12वें टेस्ट प्लेइंग नेशन के रूप में अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ अपने सफर की शुरुआत की. यह मैच दो दिनों में ही समाप्त हो गया. जिसमें भारत ने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की. इस मैच में मिली बड़ी हार के तुरंत बाद अफगानिस्तान की टीम पर कई सवाल उठे. सबसे बड़ा सवाल था, क्या अफगानिस्तान को इतनी जल्दी टेस्ट टीम का दर्जा मिलना चाहिए था? या, पहले टेस्ट में प्रदर्शन के बाद आईसीसी को उनके टेस्ट स्टेटस पर फिर से विचार करना चाहिए? हम अफगानिस्तान से पहले टेस्ट प्लेइंग नेशन का दर्जा पाने वाली 5 टीमों का रिकॉर्ड उठाकर लाए हैं. आप ही तय करिए, अफगान टीम के पर उठ रहे सवालों के जवाब क्या होने चाहिए.
India
भारत की टीम की कप्तानी सीके नायडू के हाथ में थी.

1. भारत - 25 जून 1932
टीम इंडिया. आजादी से पहले का समय. भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 25 जून 1932 को अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर. इंग्लैंड ने इस मैच में टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करते हुए 259 रन बनाए. जवाब में भारत अपनी पहली पारी में 189 रन ही बना पाया. 70 रनों की लीड के साथ बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 8 विकेट के नुकसान पर 275 रन बनाकर घोषित कर दी. भारत को जीतने के लिए 346 रनों का मुश्किल-सा लक्ष्य मिला. लेकिन टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में 187 रन से आगे नहीं बढ़ पाई. भारत अपने करियर का पहला मैच 158 रनों से हार चुका था. यह टेस्ट मैच सिर्फ 3 दिनों में समाप्त हो चुका था.
भारत को टेस्ट में पहली जीत 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मिली. 25वें टेस्ट में. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में. 06 फरवरी 1952 को शुरू हुए इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 266 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का नजारा पेश किया. टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट के नुकसान पर 457 रन बनाकर घोषित कर दी. अब भारत के पास 191 रनों की मैचजिताऊ बढ़त थी. भारतीय गेंदबाजों ने इस लीड का फायदा उठाया और इंग्लैंड की दूसरी पारी 183 के स्कोर पर समेट दी. भारत इस मैच को एक पारी और 8 रनों के अंतर से जीत चुका था. 12 हार और 12 ड्रा के बाद. भारतीय क्रिकेट में पड़ा हार का सूखा समाप्त हो चुका था.
भारत ने अपने करियर में अब तक 512 मैच खेले हैं, जिसमें से उसे 145 में जीत हासिल हुई, 160 में हार का सामना करना पड़ा जबकि 216 मैच ड्रा पर समाप्त हुए हैं. भारत का एक टेस्ट मैच टाई पर समाप्त हुआ है. आज टीम इंडिया टेस्ट में नंबर एक की रैंकिंग के साथ खड़ी है.
Untitled design (12)
पाकिस्तान की टीम ने अपना पहला टेस्ट हिदुस्तान के खिलाफ खेला था.

2. पाकिस्तान - 16 अक्टूबर 1952
पाकिस्तान टेस्ट प्लेइंग नेशन का दर्जा पाने वाली छठी टीम थी. 16 अक्टूबर 1952 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ टेस्ट खेलने उतरी, यह पाकिस्तान क्रिकेट की शुरुआत थी. पहले टेस्ट में भारतीय कप्तान लाला अमरनाथ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. भारत की पहली पारी 372 रनों पर समाप्त हुई. जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी में पूरी टीम 150 रनों के स्कोर पर ही समाप्त हो चुकी थी. भारत ने 222 रनों से पिछड़ चुकी पाकिस्तानी टीम को फॉलोऑन खिलाया. दूसरी पारी में जब स्कोरकार्ड पर 152 रन टंगे थे, तब तक पूरी पाकिस्तानी टीम पैवेलियन लौट चुकी थी. भारत यह मैच एक पारी और 70 रनों के विशाल अंतर से जीत चुका था.
पाकिस्तान को टेस्ट में पहली जीत उसी सीरिज में हासिल हुई. 23 अक्टूबर 1952. लखनऊ का यूनिवर्सिटी ग्राउंड. भारत-पाकिस्तान सीरीज का दूसरा मैच. टॉस एक बार फिर लाला अमरनाथ ने जीता. लेकिन पिछले मैच को दोहराया नहीं जा सका. पाकिस्तान की घातक गेंदबाजी के आगे भारतीय टीम 106 पर सिमट गई. पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी में 331 रन बनाए और 225 रनों की बड़ी लीड हासिल की. भारत इस लीड को झेल नहीं पाया और उनकी दूसरी पारी 182 पर गोल हो चुकी थी. पाकिस्तान ने भारत को जबरदस्त’ पटखनी दी थी. पारी और 43 रनों के अंतर से.
पाकिस्तान ने अभी तक कुल 415 टेस्ट खेले हैं जिनमें से उसे 134 मैचों में जीत हासिल हुई है, 123 में हार का सामना करना पड़ा जबकि 158 मैच बिना किसी नतीजे के समाप्त हुए हैं.
Sri Lanka 1982
श्रीलंका के लिए पहले टेस्ट में मोर्चा अर्जुन राणातुंगा ने संभाला था.

3. श्रीलंका - 17 फरवरी 1982
श्रीलंका ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 17 फरवरी 1982 को की थी. श्रीलंका के पी सारा ओवल में श्रीलंकाई कप्तान वर्नापुरा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. श्रीलंका ने अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में ऑलआउट होने से पहले स्कोरकार्ड के उपर 218 रन चिपका दिए थे. जवाब में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 223 रन बनाए. इंग्लैंड को 5 रनों की बढ़त मिल गई. श्रीलंका के पास दूसरी पारी में बढ़िया बल्लेबाजी कर इंग्लैंड के लिए मुश्किलें पैदा करने का मौका मिला था. लेकिन नई-नवेली श्रीलंकाई टीम 175 के स्कोर पर ही सिमट गई. इंग्लैंड ने यह लक्ष्य सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस लक्ष्य का पीछा करने के दौरान इंग्लैंड की टीम कभी भी दबाव में नहीं थी. श्रीलंका अपने टेस्ट करियर का पहला मैच 7 विकेटों के अंतर से हार चुकी थी.
टेस्ट में पहली जीत श्रीलंका को उसके 14वें मैच में हासिल हुई. कोलंबो के पी सारा ओवल में. भारत के खिलाफ. श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 385 का स्कोर खड़ा किया. जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी 244 के स्कोर पर समाप्त हो गई. श्रीलंका ने पहली पारी में मिले 141 के बढ़त का फायदा उठाते हुए अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. 3 विकेटों के नुकसान पर 206 के स्कोर पर. श्रीलंका ने भारत को जीत के लिए 348 का लक्ष्य दिया. भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए छोटे-छोटे अंतराल पर अपने विकेट खोए. टीम इंडिया 198 के स्कोर पर अपने हाथ खड़े कर चुकी थी. श्रीलंका ने अपने टेस्ट करियर की पहली जीत दर्ज कर ली थी. 149 रनों के अंतर से.
श्रीलंका ने अब तक कुल 271 टेस्ट मैच खेले हैं, उसे 85 में जीत हासिल हुई है, 101 में हार का सामना करना पड़ा है जबकि 84 मैच ड्रा पर समाप्त हुए हैं.
Zimbabwe
जिम्बाब्वे के वो दो भाई जिन्होंने इस मुल्क की क्रिकेट को बरसों तक चलाया. एंडी फ्लाअर और ग्रैंट फ्लाअर.

4. जिम्बाब्वे - 18 अक्टूबर, 1992
जिम्बाब्वे के टेस्ट करियर की शुरुआत 18 अक्टूबर, 1992 को हुई. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे अपना पहला टेस्ट मैच खेलने उतरी थी. जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. जिम्बाब्वे ने 214.2 ओवर बल्लेबाजी की और आउट होने से पहले स्कोरबोर्ड पर 456 रन टांग दिए. जवाब में भारत ने पहली पारी में 307 रन बनाए. इंडिया पहली पारी के आधार पर जिम्बाब्वे से 149 रनों से पिछड़ रही थी. जिम्बाब्वे ने मैच के 5वें दिन 4 विकेट के नुकसान पर 146 रन बनाए. यह मैच बेनतीजा समाप्त हुआ.
जिम्बाब्वे को टेस्ट में पहली जीत 11वें मैच में हासिल हुई. 4 हार और 6 ड्रा के बाद. 1 फरवरी 1995 को हरारे में ही जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरी. टॉस जिम्बाब्वे के कप्तान एंडी फ्लावर ने जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. आज जिम्बाब्वे कुछ अलग ही रंगरूप में नजर आ रही थी. जिम्बाब्वे के 3 विकेट 42 के स्कोर पर गिर चुके थे. उसके बाद फ्लावर बंधुओं ने मोर्चा संभाला, दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 269 रन जोड़ दिए. ग्रांट फ्लावर ने नाबाद 201 रन बनाए. एंडी फ्लावर ने 156 रनों की अद्भुत पारी खेली. जिम्बाब्वे ने अपनी पहली पारी 544/4 के स्कोर पर घोषित कर दी. जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 322 पर सिमट गई. फॉलोऑन खेलने उतरी पाकिस्तानी टीम अपनी दूसरी पारी में 158 रन पर समाप्त हुई. जिम्बाब्वे ने टेस्ट इतिहास में जीतने की शुरुआत कर दी थी. पहली जीत पारी और 64 रनों के अंतर से.
जिम्बाब्वे ने अभी तक 105 टेस्ट मैच खेले हैं. 11 मैचों में जीत हासिल हुई है, 67 में हार का सामना करना पड़ा जबकि 27 टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुए हैं.
Bangladesh 2000
साल 2000 में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत करते हुए सौरव गांगुली और बांग्लादेश के कप्तान नैमूर रहमान.

5. बांग्लादेश - 10 नवंबर 2000
बांग्लादेश टेस्ट प्लेइंग नेशन का दर्जा पाने वाली दसवीं टीम बनी. 10 नवंबर 2000 को बांग्लादेश की टीम ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की. अपने पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑल आउट होने से पहले 400 रन बनाए. जवाब में इंडिया ने अपनी पहली पारी में सौरव गांगुली के 84 और सुनील जोशी के 92 की बदौलत 429 रनों का स्कोर खड़ा किया. भारत ने पहली पारी में 29 रनों की मामूली बढ़त हासिल की. यही मामूली बढ़त बांग्लादेश के लिए काल बन गई. टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आ रही थी. बांग्लादेश की पूरी टीम 46.3 ओवरों में महज 91 रन जोड़कर पवेलियन लौट चुकी थी. भारत को जीतने के लिए 63 रन बनाने थे. जो उसने एक विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया.
बांग्लादेश को टेस्ट में पहली जीत के लिए लगभग 5 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा. 31 हार और 3 ड्रा के बाद. बांग्लादेशी टीम ने अपने टेस्ट करियर के 35वें मैच में पहली जीत हासिल की थी. जिम्बाब्वे के खिलाफ. यह मैच 6 जनवरी 2005 को चिटगांव के एमए अजीज स्टेडियम में शुरू हुआ था. बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 488 रनों का पहाड़-सा स्कोर खड़ा किया. जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 312 पर ऑलआउट हो गई. बांग्लादेश को पहली पारी के आधार पर 176 रनों की लीड मिली. बांग्लादेश ने अपनी दूसरी पारी 9 विकेट के नुकसान पर 204 रन बनाकर घोषित कर दी. जिम्बाब्वे को टेस्ट जीतने के लिए 380 का लक्ष्य मिला. जिम्बाब्वे इस बड़े लक्ष्य के लिए कभी तैयार नहीं थी. उसकी पूरी टीम 154 के स्कोर पर समाप्त हो चुकी थी. जिम्बाब्वे लक्ष्य से 226 रन पीछे रह गई. बांग्लादेश ने इसी अंतर से टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली थी.
बांग्लादेश ने अभी तक कुल 106 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से उसे 10 में जीत हासिल हुई, 80 में हार का सामना करना पड़ा जबकि 16 मैच बेनतीजा समाप्त हुए हैं.

ये आर्टिकल दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे अभिषेक ने लिखा है.




Also Read

सुरेश रैना के साथ जो हुआ, अब सारे क्रिकेटर पक्का जिम जाना शुरू कर देंगे

हार्दिक पंड्या ने जैसे स्टंप तोड़ा वो उनके 71 रन से ज्यादा खतरनाक और मजेदार है

IPL में लगातार 5 हाफ सेंचुरी मारने वाले इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की लंका लगा दी

राशिद खान ने अगर मुरलीधरन की ये बात मान ली, तो वो टेस्ट में भी T20 जैसा फोड़ेंगे

क्रिकेट से जुड़ा लल्लनटॉप वीडियो भी देखें:

Advertisement

Advertisement

()