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हजार रुपये की लड़ाई में ये लड़का दूसरी बार अनाथ हो गया

दिल्ली में एक होटल मालिक का कत्ल हो गया. लेकिन कत्ल से बड़ी ट्रैजेडी कुछ और है.

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25 मई 2016 (अपडेटेड: 25 मई 2016, 08:59 AM IST)
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दिल्ली के लाजपत नगर में 16 साल का एक लड़का दूसरी बार अनाथ हो गया. सोमवार को चार गुंडो ने उसके पापा को मार डाला. वह एक होटल चलाते थे. खाने के बिल को लेकर झगड़ा हुआ था. सीने में गोली मार दी. पप्पू वासुदेव लाजपत नगर में 40 साल से एक ढाबा चला रहे थे. सोमवार रात चार नशे में धुत्तलोग वहां खाना खाने आए. खाने के बाद वो बिल देने में आनाकानी करने लगे और डिस्कांउट मांगने लगे. टोटल बिल 1085 रुपये का था.  बात पप्पू तक पहुंची. उन्होंने उनसे बिल देने को कहा. वो लोग उन्हें गालियां देने लगे. पप्पू ने गुस्से में उनमें से एक को थप्पड़ जड़ दिया. उन लोगों ने हजार रुपये कांउटर पर रखे और धमकी दी कि वापस आएंगे. 11 बजे वो वापस आए. पप्पू को लोगों के सामने सीने में गोली मारी और स्विफ्ट डिजायर कार में बैठ कर भाग गए. पप्पू को फौरन एम्स ले जाया गया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस ने उन लोगों को पकड़ने की कोशिश की पर पकड़ नहीं पाए. तूफान की वजह से उस इलाके की स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी थी. इसलिए पुलिस कार का नंबर नोट नहीं कर पाई. ये सब कुछ हुआ 1085 रुपये के लिए. लेकिन इस कहानी का सबसे त्रासद पक्ष एक 16 साल का लड़का है. वह पप्पू का गोद लिया हुआ बेटा था. वो दोबारा अनाथ हो गया. 12 दिन पहले ही उसकी मां दिल का दौरा पड़ने से चल बसी थी.

अनाथालय से गोद लिया था मोहित को

मोहित 11वीं में पढ़ता है और आईएएस बनना चाहता है. ये सपना उसने अपनी मां की आंखों से देखा था. 11 साल पहले पप्पू और उसकी बीवी चंद्रा ने उसे साउथ दिल्ली के एक अनाथालय से गोद लिया था. तब मोहित 5 साल का था. उसके असली पेरेंट्स के बारे में कोई जानकारी नहीं है. मंगलवार को चंद्रा की तेरहवीं थी. ये हादसा होने के 10 मिनट पहले मोहित दुकान पर ही था. पप्पू ने उसे पैसे देने के लिए बुलाया था. पैसे देकर वो बीवी की तेरहवीं के लिए कुछ लोगों से मिलने चला गया था. 10:45 के करीब वापस आकर बेटे को घर जाने कहा. ताकि तेरहवीं के लिए  इंतजाम देख सके. मोहित का कहना है कि पापा 11:30 बजे आने वाले थे. मैं उनका इंतजार कर रहा था. तभी आधी रात को फोन आया कि पापा को अस्पताल ले जाया गया है. जब तक मैं पहुंचा, वो मर चुके थे.

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