'हाथी उड़' पर भी हाथ उठा दिया मंत्रियों ने, मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश जगजाहिर हो गई
शिवराज सिंह चौहान ने स्कूली बच्चों से बातचीत के दौरान पूछा कि बड़े होकर वो क्या बनना चाहेंगे.

अगर आपने बचपन में ‘चिड़िया उड़’ खेल खेला होगा तो ये खबर आपको अच्छी तरह समझ आ जाएगी. चिड़िया उड़ वो खेल होता है जिसमें उड़ने वाले प्राणियों का नाम लेने पर हाथ ऊपर उठाना होता है. लेकिन ‘हाथी उड़’ कहने पर भी अगर हाथ उठा दिया तो हार तय और जग हंसाई अलग से.
कुछ ऐसा ही हुआ जब मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने उनके ही दो मंत्रियों ने ‘हाथी उड़’ पर भी हाथ उठा दिया. और इस घटना का वीडियो ऐसा वायरल हुआ कि पूछो मत!
वीडियो एक स्कूल का है जहां मुख्यमंत्री चौहान बच्चों से वैसे ही हलके-फुलके अंदाज में सवाल पूछ रहे हैं जैसे कुछ देर के लिए स्कूलों के दौरे पर आए वीआईपी अक्सर पूछते हैं. मसलन, बड़े होकर क्या बनना चाहते हो.
मुख्यमंत्री इसी अंदाज में बच्चों से सवाल-जवाब कर रहे थे कि उन्हें अपने मंत्रियों की दिली इच्छा पता चल गई.
घटना शनिवार, 29 अक्टूबर की है. इंदौर के अहिल्या आश्रम स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ‘सीएम राइज़’ परियोजना के तहत 69 स्कूलों के नए भवनों का वर्चुअल भूमिपूजन किया. इसी मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनसे पूछा कि बड़े होकर वो क्या बनना चाहेंगे. उन्होंने पहले पूछा-
कौन कौन डॉक्टर बनना चाहता है... हाथ खड़ा करो.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जो जो इंजीनियर बनना चाहता है वो हाथ खड़ा करे. फिर लॉयर बनने और साइंटिस्ट बनने को लेकर भी सवाल पूछे गए. और तब शिवराज सिंह ने वो सवाल पूछा -
जो जो मुख्यमंत्री बनना चाहता है वो हाथ खड़ा करो.
इस सवाल पर कई बच्चों ने हाथ खड़े किए. पर उनके साथ साथ मंच पर मौजूद स्कूली शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी खुद को रोक न सके. दोनों ने भी एक एक कर थोड़ा छिपाकर अपना हाथ उठा लिया. वायरल वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि दोनों मंत्रियों के सीएम बनने की इच्छा आखिरकार बाहर आ गई.
मुख्यमंत्री ने अपने बचपन और पढ़ाई के कई किस्से बच्चों के साथ शेयर किए. उन्होंने बताया कि उनकी शुरूआती पढ़ाई एक छोटे से गांव के सरकारी श्कूल में हुई थी. वो एक हाथ में टाट पट्टी (चटाई) और दूसरे हाथ में बस्ता लेकर स्कूल जाते थे.
क्या है सीएम राइज स्कूल प्रोजेक्ट?शिवराज सिंह के सीएम राइज स्कूल प्रोजेक्ट की लागत 2519 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इन स्कूलों में के.जी. से लेकर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई होगी. पहले चरण में साल 2021 से 2024 तक हर जिला और विकासखण्ड स्तर पर 360 स्कूल खोले जाएंगे. दूसरे चरण में कुल 8 हजार 735 स्कूल खोले जाएंगे.
आजतक के मुताबिक, सरकार का वादा है कि इन स्कूलों में वर्ल्ड-क्लास इंन्फ्रास्ट्रक्चर, परिवहन सुविधा, नर्सरी और प्री प्राइमरी क्लासेस, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग, शत-प्रतिशत स्टाफ और सहायक स्टाफ जैसी सारी सुविधाएं मौजूद रहेंगी.
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