सीएम शिवराज सिंह चौहान के ट्वीट पर लोगों ने क्यों कहा, कुछ तो शर्म कर लो!
महाराष्ट्र की है घटना लेकिन मौत पर त्याग और सेवा भाव बताया तो एमपी के सीएम को कोसने लगे लोग.
Advertisement

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और नागपुर श्री नारायण. (फोटो-सोशल मीडिया)
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान. जिन्होंने कल रात एक ट्वीट किया. ट्वीट में बताया कि आरएसएस के स्वयंसेवक श्री नारायण का कोरोना के चलते निधन हो गया. वही श्री नारायण जिन्होंने बीते दिनों नागपुर के एक अस्पताल में अपना बेड किसी और के इलाज के लिए दे दिया था. शिवराज सिंह ने ट्वीट करके उनके निधन की जानकारी दी. ये ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग उनके इस ट्वीट की आलोचना करने लगे.
ध्यान देने वाली बात ये है कि घटना नागपुर की है, जो कि महाराष्ट्र में आता है लेकिन शिवराज सिंह चौहान जो कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, लोग उन्हें इस मौत और अस्पतालों की अव्यवस्था के लिए कोस रहे थे.
शिवराज सिंह ने ट्वीट किया,
बस इतना लिखने की देरी थी कि सोशल मीडिया यूज़र्स ने मंत्री जी को घेर लिया. एक शख्स ने लिखा,
एक ने लिखा,
एक बंदे ने, जिसे ये नहीं पता था कि घटना कहां की है, लिखा,
ऐसा ही एक यूज़र बोला,
एक ने कहा,
श्री नारायण राव दाभाडकर कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमित हुए थे. उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने के चलते उन्हें नागपुर के अस्पताल में एडमिट कराया गया था. उनके दामाद और बेटी ने उन्हें इंदिरा गांधी शासकीय अस्पताल, नागपुर में एडमिट कराया था. उन्हें भी बेड मिलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. मगर बाद में बेड मिल गया था.
इसके बाद एक महिला अपने कोरोना पॉज़िटिव पति के साथ बेड ढूंढने अस्पताल में पहुंची. बेड ना मिलने पर वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी. उसका रोना सुनकर नारायण अपने बेड से उठे. उन्होंने डॉक्टर को बुलाया और कहा कि वे अपने घर जा रहे हैं. उनका बेड इस युवक को दे दिया जाए. डॉक्टर्स ने उन्हें रोकने की कोशिश की मगर वो नहीं मानें और अपने घर चले गए. जहां तीन दिनों बाद उनकी मौत हो गई.
ये सही है कि देश में कोरोना की स्थिति भयानक रूप लेने लगी है. कोई भी राज्य इससे अछूता नहीं है. मामला मध्य प्रदेश का न होकर महाराष्ट्र का था. शिवराज सिंह चौहान को कोसने वाले ज़्यादातर लोगों को ये जानकारी तक नहीं थी. मगर शिवराज सिंह चौहान का ये ट्वीट इस बात को दिखाता है कि भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. किसी की जान बचाने के लिए किसी को अपनी जान गंवानी पड़ रही है और नेता इसे त्याग, पवित्र सेवा भाव और समाज के लिए प्रेरणा बताकर ग्लोरिफाई कर रहे हैं.

.webp?width=60)

