कमलनाथ ने किसानों को जो झांसा दिया, वो कंप्यूटर बाबा पर क्यों नहीं लागू हुआ?
और तो और कांग्रेसी सीएम बोल रहे- युवाओं को बैंड बाजा बजवा रोजगार देंगे.
Advertisement

कमलनाथ सरकार ने किसानों की कर्जमाफी पर बहाना बनाया तो शिवराज ने साधा निशाना.
Quick AI Highlights
Click here to view more
पकौड़ा बेचना भी एक रोजगार है...
पीएम मोदी की इस बात पर शायद ही कोई दिन छूटे, जिस दिन उनकी मौज न ली जाती हो. अब मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कुछ ऐसा बोल दिया है कि जनता उनकी मौज ले रही है. कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार रोजगार के लिए युवाओं को बैंड-बाजा बजाने की ट्रेनिंग देगी. उन्होंने इसके लिए बाकायदा फैकल्टी रखने की बात कही है. खैर अभी न ये योजना शुरू हुई है और न किसी को रोजगार मिला है. मगर 10 मार्च. दिन रविवार यानि छुट्टी के दिन एक आदमी को जरूर रोजगार मिल गया. ये आदमी हैं कंप्यूटर बाबा.

कंप्यूटर बाबा को अब कांग्रेस ने रेवड़ी दी है.
लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने से कुछ घंटे पहले ही मध्यप्रदेश सरकार ने स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा को मां नर्मदा, मां क्षिप्रा और मंदाकनी नदी न्यास का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. ये वही बाबा हैं जिन्हें पिछली शिवराज सरकार ने भी राज्य मंत्री बनाया था. जब वो नर्मदा नदी में हो रहे अवैध खनन का मामला उठा रहे थे. पर खबर ये बैंड-बाजा या कंप्यूटर बाबा को नौकरी नहीं है. इसकी तारीख है. 10 मार्च. रविवार माने छुट्टी के दिन सरकारी ऑर्डर जारी कर ये आदेश जारी किया गया. जबकि इसी दिन कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वाले किसानों के मोबाइल में एक मैसेज पहुंचा. इसमें लिखा था -
माने छुट्टी के दिन कंप्यूटर बाबा की नियुक्ति का आदेश जारी हो सकता है. उसमें आचार संहिता नहीं आती. मगर किसान की कर्जमाफी, जिसका वादा कर कमलनाथ सत्ता में आए हैं. उसे ये बहाना थमा दिया जाता है. वो भी आचार संहिता लागू होने से पहले. चुनाव आयोग ने 10 मार्च को शाम 5 बजे आचार संहिता लागू होने की घोषणा की. जबकि किसानों के मोबाइल में मैसेज इससे पहले ही पहुंच रहा था. शिवराज सिंह ने जिस किसान का मैसेज ट्वीट किया है. उसमें भी समय दोपहर 2:24 का है.
शिवराज सिंह ने इस मुद्दे पर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा -
लल्लनटॉप वीडियो देखें -
पीएम मोदी की इस बात पर शायद ही कोई दिन छूटे, जिस दिन उनकी मौज न ली जाती हो. अब मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कुछ ऐसा बोल दिया है कि जनता उनकी मौज ले रही है. कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार रोजगार के लिए युवाओं को बैंड-बाजा बजाने की ट्रेनिंग देगी. उन्होंने इसके लिए बाकायदा फैकल्टी रखने की बात कही है. खैर अभी न ये योजना शुरू हुई है और न किसी को रोजगार मिला है. मगर 10 मार्च. दिन रविवार यानि छुट्टी के दिन एक आदमी को जरूर रोजगार मिल गया. ये आदमी हैं कंप्यूटर बाबा.

कंप्यूटर बाबा को अब कांग्रेस ने रेवड़ी दी है.
लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने से कुछ घंटे पहले ही मध्यप्रदेश सरकार ने स्वामी नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा को मां नर्मदा, मां क्षिप्रा और मंदाकनी नदी न्यास का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. ये वही बाबा हैं जिन्हें पिछली शिवराज सरकार ने भी राज्य मंत्री बनाया था. जब वो नर्मदा नदी में हो रहे अवैध खनन का मामला उठा रहे थे. पर खबर ये बैंड-बाजा या कंप्यूटर बाबा को नौकरी नहीं है. इसकी तारीख है. 10 मार्च. रविवार माने छुट्टी के दिन सरकारी ऑर्डर जारी कर ये आदेश जारी किया गया. जबकि इसी दिन कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वाले किसानों के मोबाइल में एक मैसेज पहुंचा. इसमें लिखा था -
फलाने(किसान का नाम) S/O ढिकाने जी, जय किसान फसल ऋण माफी योजना में आपका आवेदन मिला है. लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण आपकी ऋण माफी अभी स्वीकृत नहीं हो पाई है. चुनाव के बाद शीघ्र स्वीकृति की जाएगी. शुभकामनाएं, आपका कमलनाथऐसा ही एक मैसेज मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है. इसे भी देख लीजिए -
वाह रे कमल नाथ जी, आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग की घोषणा से पहलें ही आचारसंहिता लगा दी!
वैसे भी किसान क़र्ज़ माफ़ी पर उनका शुरू से यही प्लान था। किसी भी तरह लोकसभा चुनाव तक खींचो फिर आचारसंहिता का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लो!
चलो, इसका जवाब तो अब जनता ही देगी। pic.twitter.com/7BS0zFcHRO
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj) March 10, 2019
माने छुट्टी के दिन कंप्यूटर बाबा की नियुक्ति का आदेश जारी हो सकता है. उसमें आचार संहिता नहीं आती. मगर किसान की कर्जमाफी, जिसका वादा कर कमलनाथ सत्ता में आए हैं. उसे ये बहाना थमा दिया जाता है. वो भी आचार संहिता लागू होने से पहले. चुनाव आयोग ने 10 मार्च को शाम 5 बजे आचार संहिता लागू होने की घोषणा की. जबकि किसानों के मोबाइल में मैसेज इससे पहले ही पहुंच रहा था. शिवराज सिंह ने जिस किसान का मैसेज ट्वीट किया है. उसमें भी समय दोपहर 2:24 का है.
शिवराज सिंह ने इस मुद्दे पर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा -
वाह रे कमल नाथ जी, आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग की घोषणा से पहलें ही आचारसंहिता लगा दी! वैसे भी किसान क़र्ज़ माफ़ी पर उनका शुरू से यही प्लान था. किसी भी तरह लोकसभा चुनाव तक खींचो फिर आचारसंहिता का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लो! चलो, इसका जवाब तो अब जनता ही देगी...शिवराज वैसे भी जिस तरह ऐक्टिव हैं, वो कमलनाथ को किसी मुद्दे पर घेरना नहीं छोड़ते. और कमलनाथ लगातार उनको मौके भी दे रहे हैं. पर ये मुद्दा ऐसा है जिस पर कमलनाथ सरकार को जवाब देना चाहिए. कैसे एक बाबा की नियुक्ति हो जाती है, पर किसानों को आचार संहिता की दुहाई दी जाती है. क्या इसे ये न माना जाए कि आने वाले चुनाव में कंप्यूटर बाबा वोट के लिए जरूरी हैं तो उनके लिए कुछ भी हो रहा है. मगर किसान तो भोला है, वो इस मैसेज से संतुष्ट हो जाएगा. तो उसे आचार संहिता का लॉलीपॉप.
शिवराज ने कमलनाथ पर निशाना साधा है.
लल्लनटॉप वीडियो देखें -


