नोटबंदी के बाद देश की सियासत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अपनेपिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के साथ चल रही रार सबसे बड़ी खबर है. जोनेताजी कहेंगे मैं वो करूंगा की रट लगाए रहने वाले अखिलेश भी अब खुलकर मैदान में आगए हैं. कलह सरकार में है परिवार में नहीं की बात भी बेमानी हो गई है. अब शिवपालयादव का नया वीडियो आया है जिसमें वो दर्द भरे गाने गा रहे हैं. शिवपाल यादव लंबेसमय तक नेताजी की छत्र-छाया में मनमानी करते रहे. कहा जाता रहा कि सूबे में साढ़ेतीन मुख्यमंत्री हैं. चुने हुए जनादेश का परिवारवाद के सामने निर्लज्जता से मज़ाकउड़ता रहा और किसी को फर्क नहीं पड़ा. सब के हित सध रहे थे. पर चुनाव आते ही तनावबढ़ गया. जिसके हाथ में सत्ता, मर्ज़ी भी उसकी. चाचा ने भतीजे को पार्टी से निकालातो लगभग पूरी पार्टी ही अखिलेश के साथ खड़ी हो गई. दिल में प्रधानमंत्री बनने कीकसक लिए बैठे मुलायम भी सत्ता के केंद्र को अपने से दूर जाते देखते रह गए. जैसेकिसी ज़माने में उन्होंने ज़ोर-ज़बर पावर अपने हाथ में ली थी, उनसे उनके बेटे ने लेली. खैर शिवपाल यादव के सामने समस्या बड़ी है. पूरी ज़िंदगी नेताजी की परछाई बन साथरहे. संगठन खड़ा किया. मगर जब बड़े भाई की विरासत संभालने की बात आई तो भतीजा बाज़ीमार ले गया. कुछ दिन तो चाचाजी कहकर लिहाज किया मगर धीरे-धीरे साफ हो गया किइज़्ज़त अपनी जगह और सियासत अपनी जगह. शिवपाल चचा नए साल की पार्टी में गाना गा रहेहैं,कसमे वादे प्यार वफा सब बाते हैं बातों का क्या,कोई किसी का नहीं है झूठे नाते हैं नातों का क्या.चाचा से हमारा ये ही कहना है कि हिंदुस्तान की जनता तो हर चुनाव के बाद यही गानागाती आ रही है, एक बार आप को भी गाना पड़ गया तो ऐसा क्या हंगामा.https://www.youtube.com/watch?v=u5OOSpSxuz8 --------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें :अमर सिंह ने कहा, 'दर-दर की ठोकरों मुझे इतना बता दो मेरा कसूर क्या है'शिवपाल-अमर सिंह का पत्ता कटा और मुलायम सिंह 'सपा' के 'आडवाणी' हो गए