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संजय राउत ED की कस्टडी में भेजे गए, लेकिन PMLA कोर्ट ने एजेंसी की डिमांड आधी ही मानी

मुंबई की विशेष अदालत ने संजय राउत की भी एक याचिका स्वीकार कर ली है.

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1 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 1 अगस्त 2022, 06:02 PM IST)
Shiv sena mp sanjay raut and ED
शिवसेना सांसद संजय राउत और ईडी. (फोटो: पीटीआई)
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मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) को चार दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेज दिया है. ED ने संजय राउत पर भूमि घोटाले का आरोप लगाया है. वैसे तो एजेंसी ने संजय राउत को आठ दिन के लिए हिरासत में भेजे की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने इससे इनकार कर दिया और चार दिन (4 अगस्त तक) की ही मंजूरी प्रदान की.

मालूम हो कि ED ने बीते रविवार को भांडूप स्थित संजय राउत के घर पर नौ घंटे से अधिक समय तक तलाशी की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. केंद्र की जांच एजेंसी ने राउत पर मुंबई के उत्तरी क्षेत्र में पात्रा चॉल प्रोजेक्ट में घोटाला करने का आरोप लगाया है.

ED को मिली Sanjay Raut की हिरासत

सोमवार को इस मामले में संजय राउत को अदालत में पेश किए जाते समय विशेष जज एमजी देशपांडे ने कहा कि सारे दस्तावेज पहले ही प्राप्त किए जा चुके हैं. साथ ही राउत और उनकी पत्नी के बैंक खाते की सारी जानकारी जमा कर ली गई है, इसलिए आठ दिन की लंबी हिरासत की आवश्यकता नहीं है.

इसके साथ ही न्यायालय ने संजय राउत के स्वास्थ्य का भी संज्ञान लिया. उसने उनकी उस याचिका को स्वीकार किया जिसमें राउत ने कहा था कि उन्हें दवाइयां, घर का बना हुआ खाना और कानूनी सुविधा मुहैया कराई जाए.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक जज ने कहा, 

‘चूंकि आरोपी को दिल की बीमारी है, इसलिए जरूरत पड़ने पर ED आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराने पर भी विचार करे और आवश्यकता अनुसार पूछताछ करें.' 

इस दौरान संजय राउत को उनके वकील से मुलाकात करने की भी राहत दी गई है.

क्या है मामला?

ED गुरु आशीष कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पात्रा चॉल के पुनर्विकास मामले में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है. एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत कार्रवाई कर रही है. ये कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) की सहायक फर्म है.

कंपनी गुरु आशीष कन्स्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट्स बनाने और उसे बेचने की जिम्मेदारी दी गई थी. हालांकि ED ने आरोपी लगाया है कि इस कंपनी ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएचएडीए) को गलत जानकारी दी और फिर करोड़ों का हेरफेर किया.

इससे पहले ED ने इस मामले में संजय राउत के करीबी प्रवीन राउत को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत की संपत्तियों को भी जब्त कर लिया है.

जांच एजेंसी का आरोप है कि प्रवीन राउत ने एचडीआईएल से करीब 100 करोड़ रुपये प्राप्त किए और फिर संजय राउत के परिवार समेत कई करीबियों को इन पैसों को बांटा था.

वीडियो: संजय राउत गिरफ्तार, भाई सुनील राउत ने लिया एकनाथ शिंदे का नाम!

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