ये शैतानी समुद्र पचासों जहाजों को खा गया था, पर एक दिन...
बरमूडा ट्रायंगल को शैतान का समुद्र कहते हैं. कहा जाता है कि लोगों के बुरे कर्मों की वजह से यहां जहाज खो जाते हैं.
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फोटो - thelallantop
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अटलांटिक ओशन जानते हो? जानते ही होगे. कित्ता बड़ा है! सोचो एक बार जो शुरू होता है, तो बस पानी ही पानी. लगता होगा कि ख़तम ही नहीं होगा.
लेकिन वहां केवल पानी ही नहीं है. बरमूडा ट्रायंगल भी है. G K की किताबें ध्यान से पढ़ते होगे तो याद ही होगा.
ये बरमूडा ट्रायंगल वही है जहां जाकर कितनी ही जहाजें गायब हो चुकी हैं. कब, कैसे और कहां, आज तक किसी को नहीं पता. ये बरमूडा ट्रायंगल लगभग एक ट्रायंगल बनाता हुआ सा एरिया है. ये मिआमि, बरमूडा और प्युर्टो रिको के बीचोबीच का एरिया है.
17 सितंबर को 1950 में पहली बार यहां से किसी जहाज के गायब हो जाने की खबर आई थी. फिर तो बहुत सारे अखबारों और किताबों में अक्सर इसका जिक्र आने लगा.
वैसे अभी मुद्दा ये नहीं है. हम तो मुद्दे से ही भटक जाते हैं. अभी बात ये हुई कि कुछ दिन पहले क्यूबा के कोस्ट गार्डों ने एक जहाज देखी. उसपर कोई था नहीं. ये जहाज क्यूबा की राजधानी हवाना की तरफ बढ़ रही थी. अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ये SS कोटोपैक्सी नाम की एक स्टीमर जहाज थी.
ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रही पारुल ने लिखी है.
इस बरमूडा ट्रायंगल को 'शैतानी ट्रायंगल' जैसे नाम भी दिए गए हैं. वैसे अमेरिका की नेवी तो कहती है कि घंटा! कोई बरमूडा ट्रायंगल नहीं होता. लेकिन बाकी पूरी दुनिया पचहत्तरों थ्योरी दे चुकी है. कोई कहता है इसके पीछे कोई शैतानी हाथ है. कोई कहता है ये सब एलियन लोगों का किया धरा है. कुछ साइंटिस्ट्स का मानना है कि ये सब पर्यायवरण में आने वाले बदलावों के कारण होता है. कुछ दूसरे कहते हैं कि इंसानों की गलतियों की वजह से जहाजें गायब होती हैं.
17 सितंबर को 1950 में पहली बार यहां से किसी जहाज के गायब हो जाने की खबर आई थी. फिर तो बहुत सारे अखबारों और किताबों में अक्सर इसका जिक्र आने लगा.
वैसे अभी मुद्दा ये नहीं है. हम तो मुद्दे से ही भटक जाते हैं. अभी बात ये हुई कि कुछ दिन पहले क्यूबा के कोस्ट गार्डों ने एक जहाज देखी. उसपर कोई था नहीं. ये जहाज क्यूबा की राजधानी हवाना की तरफ बढ़ रही थी. अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ये SS कोटोपैक्सी नाम की एक स्टीमर जहाज थी.
अब आप कहेंगे इसमें ख़ास बात क्या है? ख़ास बात ये है कि ये जहाज दिसंबर 1925 में बरमूडा ट्रायंगल से ही गायब हुई थी. सोचो 90 साल बाद ये जहाज न जाने कहां से चली आई! जब खोजबीन की गई तो उस जहाज में से कप्तान की लॉगबुक मिली. उसमें उसी कंपनी का ज़िक्र था जिसकी SS कोटोपैक्सी नाम की जहाज थी. अगर ये पक्के तौर पर वही SS कोटोपैक्सी है तो इस जहाज के साथ बीते 90 साल में क्या हुआ, ये नहीं पता चल पाया.1925 में ये जहाज साउथ कैरोलिना से हवाना की ओर जा रही थी. इसमें ढेर सारा कोयला भरा हुआ था. और 32 लोग भी थे. दो ही दिन बाद ये जहाज गायब हो गई. फिर अगले 90 साल तक इसका कुछ अता-पता नहीं चला. अब 90 साल बाद पता नहीं कहां से ये जहाज आ गई. और एक बार फिर से लोग तुक्का भिड़ाने लगे कि आखिर बरमूडा ट्रायंगल है क्या बला!
ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रही पारुल ने लिखी है.

