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शिमला में लड़की के गैंगरेप के पहले उसे सिगरेट से जलाया, पीटा, दांत से काटा गया था

जिसका नग्न शरीर जब मिला तो उसपर कीड़े लगे हुए थे.

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24 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 24 जुलाई 2017, 08:36 AM IST)
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source: himachal watcher
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बीती 4 जुलाई को जब गुड़िया (बदला हुआ नाम) स्कूल के बाद घर नहीं लौटी, घरवालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर दी. परेशान घरवालों ने दो दिनों तक बच्ची को खोजा. दो दिनों बाद बच्ची के मामा जब उसे खोजते हुए जंगल में पहुंचे तो उसकी नंगी लाश मिली. जिसमें कीड़े लग चुके थे. यूं तो शायद शिमला जैसी छोटी जगह पर, जहां मीडिया का दबाव नहीं है, पुलिस कुछ न करती. लेकिन लोगों ने लाश की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी. थोड़े ही समय में ये एक आंदोलन में बदल गई. जब पुलिस और सरकार पर दबाव बना, मामले की जांच शुरू हुई. 13 जुलाई यानी हत्या के 9 दिन बाद हिमाचल के CM वीरभद्र सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि रेप के आरोपी पकड़े गए हैं. बड़ी जल्दी ही इन्होंने ये पोस्ट हटा भी लिया. और लोग इस गिरफ्तारी पर शक करने लगे. कि क्या लोगों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस ने बेगुनाहों को गिरफ्तार कर लिया है? जहां खबर सोशल मीडिया और चंद वेबसाइट्स पर सरकार और पुलिस की कमियों को उजागर करती रही, उधर बच्ची के मां-बाप एक बड़े मानसिक ट्रॉमा को झेलते रहे. इसी ट्रॉमा की एक झलक बच्ची के मामा ने मेल टुडे अखबार के साथ शेयर की:
'उसके शरीर पर सिगरेट से जलने के निशान थे. गालों, होंठों और स्तनों पर उसे दांत से काटा गया था. एक हाथ और एक पैर में फ्रैक्चर था. उसके साथ जानवरों से भी बुरा सुलूक किया गया था.'
लड़की के मामा, जिन्होंने लाश बरामद की थी, ने बताया कि लड़की को मार डालने के बाद गड्ढे में फेंक दिया गया था. जिसकी वजह से लड़की के शरीर में खरोंचें आ गई थीं. लड़की की मां का कहना है कि जिन लोगों को पकड़ा गया है, वो असल रेपिस्ट नहीं हैं. मां ने ये भी बताया कि शुरुआत में जिन आरोपियों की फोटो रिलीज की गई थी, वो खुले घूम रहे हैं. और पुलिस ने बेगुनाहों पर आरोप मढ़कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. बता दें कि पहले दिन से ही पुलिस की तफ्तीश पर सवाल उठ रहे हैं. गलत लोगों पर आरोप मढ़ने के अलावा पुलिस ने लड़की की मौत बरामदी की जगह को एक ही बताया है, जिसपर खूब सवाल उठ रहे हैं.
पुलिस ने गिरफ्तार किया गए सभी लोगों को एक ही सेल में रख दिया था. सुरक्षा के नजरिये से ये भी बहत बड़ी चूक है. इसका परिणाम तब दिख भी गया, जब राजिंदर और सूरज नाम के आरोपियों के बीच लड़ाई हो गई और पुलिस लड़ाई को हैंडल नहीं कर पाई.
हर रेप की खबर की तरह, ये खबर भी धीरे-धीरे मीडिया से गायब होनी शुरू हो गई है. और शायद यही पुलिस की मंशा भी है, कि धीरे-धीरे सभी तथ्य कालीन के नीचे सरका दिए जाएं और उन्हें मुक्ति मिले. मगर जिन्होंने बेटी खोई है, उनकी निगाहों से मृत बेटी का कीड़े लगा हुआ शरीर कभी नहीं जाएगा.
  शिमला रेप कांड की पूरी खबर यहां पढ़ें:  क्या गुत्थी है शिमला गैंग रेप की, जिसने वीरभद्र सरकार की नाक में दम कर रखा है

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