'बांग्लादेश में कुछ किया, तो पाकिस्तान की मिसाइलें दूर नहीं,' पाकिस्तानी नेता की भारत को गीदड़भभकी
Sheikh Hasina सरकार के तख्तापलट के बाद से ही Bangladesh और Pakistan के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया Muhammad Yunus ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है.

भारत और बांग्लादेश (India Bangladesh Relation) के बीच के रिश्ते इन दिनों ढलान पर हैं. दोनों देशों के बिगड़ते संबंधों के बीच पाकिस्तान को कूटनीतिक रोटी सेंकने का मौका मिल गया है. पाकिस्तान (Pakistan) की सत्ताधारी पार्टी के एक नेता ने भारत को मिसाइल और सैन्य कार्रवाई की गीदड़भभकी दी है. साथ ही उसने पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सैन्य गठबंधन का आह्वान किया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML) के यूथ ब्रिगेड के नेता कामरान सईद उस्मानी ने एक वीडियो जारी कर कहा,
उस्मानी ने दावा किया कि बांग्लादेश के मुस्लिम युवा भारत की योजनाओं को लेकर सतर्क हो गए हैं. उसने कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश पर भारत की 'अखंड भारत विचारधारा' थोपने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगा.
पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच बढ़ती नजदीकीशेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से ही बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच की नजदीकियां बढ़ी हैं. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है.
बांग्लादेशी नेता ने भी दी थी भारत को धमकीबांग्लादेश की नवगठित पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने पिछले हफ्ते ढाका में एक रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देेने के लिए भारत को चेतावनी दी थी. अब्दुल्ला ने कहा,
भारत ने बांग्लादेश की ओर से लगाए जा रहे इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा,
साल 1947 में भारत का बंटवारा हुआ था. तब भारत के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को अलग करके पाकिस्तान बना था. पाकिस्तान में पश्चिमी हिस्से को पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी हिस्से को पूर्वी पाकिस्तान नाम दिया गया. आजादी के तुरंत बाद ही पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को महसूस हुआ कि पाकिस्तान में उन्हें भाषा और संसाधनों पर हिस्सेदारी के नाम पर छला जा रहा है. साल 1970 के चुनाव में शेख मुजीबुर्रहमान की अवामी लीग की भारी जीत के बावजूद उन्हें सत्ता में नहीं आने दिया गया.
इसके बाद शेख मुजीबुर्रहमान ने पूर्वी पाकिस्तान की आजादी का बिगुल फूंक दिया. शुरुआत में तो पाकिस्तानी सेना ने ताकत के बल पर उनके आंदोलन का दमन किया. सरकारी आंकड़ों के अनुमान के मुताबिक, पश्चिमी पाकिस्तान यानी पाकिस्तानी बंगाल में तीस लाख से ज्यादा लोग पाकिस्तानी सेना के दमन में मारे गए. पाकिस्तानी सेना पर हजारों की तादाद में महिलाओं के साथ बलात्कार करने के भी आरोप लगे. इसके बाद साल 1971 में भारत के सैन्य हस्तक्षेप से एक नए देश बांग्लादेश का निर्माण हुआ.

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