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अडानी मामले पर शरद पवार का नया बयान विपक्ष को खुश कर देगा

इससे पहले शरद पवार ने कहा था कि अडानी मामले को कुछ ज्यादा ही महत्व दिया गया और इसकी जांच के लिए JPC की जरूरत नहीं है.

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11 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 11 अप्रैल 2023, 11:40 PM IST)
NCP chief Sharad Pawar on JPC probe into Adani issue
शरद पावर ने पहले कहा था कि अडाणी-हिंडनबर्ग के मुद्दे पर JPC जांच की जरूरत नहीं है. (फाइल फोटो: PTI/आजतक)
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने अडानी मामले पर नया बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर विपक्षी दलों को लगता है कि अडानी मामले की जांच JPC से कराई जानी चाहिए तो वो इस मांग का विरोध नहीं करेंगे. हालांकि दो दिन पहले एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में शरद पवार ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट और उसके चलते संकट में आए अडानी ग्रुप को लेकर विपक्षी दलों ने कुछ ज्यादा ही तूल दिया. उन्होंने ये भी कहा था कि अडानी-हिंडनबर्ग के मुद्दे पर JPC जांच की जरूरत नहीं है.

शरद पवार ने अब क्या कहा?

शरद पवार ने मराठी चैनल एबीपी माझा को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वो संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा अडानी मामले की जांच किए जाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अगर विपक्षी दल ये मांग करते हैं तो वो इसका विरोध नहीं करेंगे. पवार ने कहा,

“विपक्षी दलों के हमारे मित्र अगर JPC जांच पर जोर देते हैं तो विपक्षी एकता के लिए हम इसका विरोध नहीं करेंगे. हम उनके विचार से सहमत नहीं होंगे, लेकिन यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारा रुख विपक्षी एकता को नुकसान ना पहुंचाए.”

पवार ने पहले क्या कहा था?

इससे पहले समाचार चैनल NDTV से बातचीत में शरद पवार ने अडानी मुद्दे की जांच के लिए JPC की मांग को गलत बताया था. NCP प्रमुख ने कहा था,

“इस तरह के बयान पहले भी कुछ लोगों ने दिए थे. कुछ दिन संसद में हंगामा भी हुआ. इस बार इसे जरूरत से ज्यादा महत्व दे दिया गया. इस हंगामे की कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है. इसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. ऐसा लगता है कि यहां टारगेट किया गया है.”

शरद पवार के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगने लगीं. सवाल उठने लगे कि क्या ये ‘विपक्ष की एकता में दरार’ का संकेत है. हालांकि, इसके बाद शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई पेश की और बताया कि क्यों वो अडानी मुद्दे पर JPC की मांग को सही नहीं मानते.

विपक्ष की एकता पर क्या बोले थे?

शरद पवार ने कहा था,

“JPC की मांग हमारे सभी साथियों ने की, ये बात सच है. मगर हमें लगता है कि JPC में 21 में से 15 सदस्य सत्ताधारी पार्टी के होंगे. जहां ज्यादातर लोग सत्ताधारी पार्टी के हों, वहां देश के सामने सच्चाई कहां तक आएगी.”

अडानी मुद्दे पर अपने बयान को लेकर शरद पवार ने कहा,

“पता नहीं कौन कहता है कि मेरे इस बयान से 2024 में विपक्ष की एकता पर असर पड़ेगा, मुझे जो सही लगा, मैंने कहा.”

पवार की इस बात का संजय राउत ने समर्थन किया था. शिव सेना महाराष्ट्र में NCP की सहयोगी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा था कि JPC को लेकर शरद पवार की अलग राय का मतलब ये नहीं है कि विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार है.

वीडियो: एकनाथ शिंदे अयोध्या पहुंचे तो अडानी और शरद पवार पर बात की, शिवसेना और हिंदुत्व पर ये बोले

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