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'जय भीम बोलने की वजह से अल्पमत में आएंगी मायावती'

एक के बाद एक धमाकेदार बयान फायर करने वाले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बिल्कुल नए वाले बयान दिए हैं.

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आशुतोष चचा
19 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2016, 06:13 AM IST)
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"भगवान बुद्ध भगवान विष्णु के अवतार थे. उनका जन्म छल के लिए हुआ था. इसीलिए उन्होंने असुरों को छला. और इसीलिए बुद्ध की पूजा नहीं करनी चाहिए. मगर लोग मानते नहीं हैं. बौद्ध धर्म अपनाने वाले दलितों के साथ धोखा हुआ. वो बौद्ध होने के बाद अन्य समाज से कट गए." ये पारलौकिक जगत का ज्ञान दिया है द्वारका पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने. इसके पहले वो शनि मंदिर सिंगनापुर, सांई पूजा पर भी बमचक बयान दे चुके हैं. पिछले बयान पर बवाल थमता नहीं कि दूसरा ठेल देते हैं. सुर्खियों में बने रहने का जुगाड़ मिल गया है उनको. और सुनो आगे क्या बताया. कहते हैं कि मायावती अगर जय भीम करती रहेंगी तो अल्पमत में आ जाएंगी. सत्ता पाने के लिए जरूरी है कि वो राम का नाम लें. पहले तिलक तराजू और तलवार वाला नारा दिया था. तो सरकार नहीं बनी थी. उनको गलती का एहसास हुआ. तब नारा दिया "हाथी नहीं गणेश है ब्रह्मा विष्णु महेश है." तब मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. अगर मायावती वही गलती दोहराएंगी. राम का नाम नहीं लेंगी. तो फिर वहीं जा पहुंचेंगी.

लल्लन कहिस

बाबाजी, मायावती और वो दलित ऐटलीस्ट कुछ कर तो रहे हैं. सिर्फ बतोलेबाजी नहीं. इसलिए उनकी सेहत भी दुरुस्त सी है. और मन भी यहां लगा रहता है. आप तो परमात्मा में लौ लगाओ.

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