पठानकोट: 3 दिन पहले छुट्टी खत्म कर लौटे थे शहीद कुलवंत
शहीद फतेह सिंह इंडिया के लिए जीत चुके थे गोल्ड मेडल. सलाम!
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फोटो - thelallantop
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नए साल के दूसरे दिन वो घर, परिवार से दूर ड्यूटी पर थे. ऐसी ड्यूटी जो आखिरी साबित हुई. दुखद सच ये है कि पठानकोट आतंकी हमले में हमारे 11 जवान शहीद हो गए. शहीदों में 6 डिफेंस सर्विस कोर्पस, 2 इंडियन एयरफोर्स, 2 एयरफोर्स एलीट कमांडो यूनिट के जवान थे. एयरबेस स्टेशन में मिले बम को डिफ्यूज करते वक्त धमाका होने से सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी भी शहीद हो गए.
कुछ जवानों ने आतंकियों की एके-47 का सामना राइफल से किया. शहीदों में डीएसी फतेह सिंह, सिपाही कुलवंत सिंह, सिपाही संजीव कुमार, कमांडो करतार सिंह, सिपाही गुरसेवर करपुर, सिपाही जगदीश सिंह शामिल थे. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जानिए वतन के वास्ते जिंदगी कुर्बान करने वाले शहीदों के बारे में.
1. शहीद फतेह सिंह: इंटरनेशनल राइफल निशानेबाज फतेह सिंह. 1995 में कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में इंडिया के लिए गोल्ड जीता. एक सिल्वर मेडल भी जीता. सेना से रिटायर हो चुके सूबेदार मेजर फतेह सिंह डिफेंस सिक्योरिटी कोर का हिस्सा थे. डोगरा रेजिमेंट से जुड़े फतेह ने 51 बरस की उम्र में भी आतंकियों को तगड़ी टक्कर दी. लेकिन जिंदगी हार गए. फतेह सिंह पंजाब के झंडे गुज्जरां के रहने वाले थे. चार महीने पहले ही उनका ट्रांसफर पठानकोट हुआ था. फतेह सिंह का बड़ा बेटा गुरदीप सिंह भी आर्मी में है.
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2. शहीद कुलवंत सिंह: कुलवंत सिंह भी सेना से रिटायर हो चुके थे. चार महीने पहले डिफेंस सर्विस कोर पठानकोट से जुड़े थे. 3 दिन पहले 29 दिसंबर को वो छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर लौटे थे. पठानकोट से पहले कुलवंत सिंह ओडिशा में तैनात थे. कुलवंत सिंह के दो बेटे हैं.



