ऑनलाइन एग्जाम: पूरी परीक्षा में कैमरा ऑन करके रखेंगे इस यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स
ऑनलाइन एग्जाम में नकल रोकने के लिए उठाया गया है कदम.
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ऑनलाइन एग्जाम (सांकेतिक तस्वीर PTI)
कोरोना की वजह से मार्च में सारे स्कूल कॉलेज बंद हो गए थे. क्लासेज तो ऑनलाइन शुरू हो गईं लेकिन लंबे समय तक एग्जाम्स को लेकर कोई फैसला नहीं हो पा रहा था. अगस्त-सितंबर आते-आते धीरे-धीरे एग्जाम्स शुरू हुए. कहीं ऑफलाइन तो कहीं ऑनलाइन. और जहां ऑनलाइन एग्जाम हो रहे थे वहां से चीटिंग की भी खूब खबरें आ रही थीं. यानी कि एग्जाम देते समय इंटरनेट से ही ऑन्सर खोज लिया या फिर साथ में किताब रखकर एग्जाम दे दिया. इस समस्या के समाधान के लिए सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी ने एक उपाय किया है, ऐसा किसी भी यूनिवर्सिटी में पहली बार हो रहा है.
क्या उपाय किए?
8 दिसंबर से सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी में बैक और इम्प्रूवमेंट के एग्जाम्स शुरू हुए. यानी उन स्टूडेंट्स का एग्जाम जिनके पिछले एग्जाम में बैक आए हों या फिर जो दोबारा एग्जाम देकर अपने मार्क्स इम्प्रूव करना चाहते हों. ये परीक्षाएं 23 दिसंबर तक चलेंगी और इसमें कुल 1 लाख 70 हजार स्टूडेंट्स हिस्सा ले रहे हैं. एग्जाम के दौरान पूरे समय तक स्टूडेंट को अपने लैपटॉप या फोन का फ्रंट कैमरा ऑन रखना होगा. यानी कि एग्जाम के समय स्टूडेंट पर वैसे ही नजर रखी जाएगी जैसे ऑफलाइन एग्जाम में रखी जाती है. स्टूडेंट को किसी भी दूसरे ब्राउजर या विंडो को खोलने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई स्टूडेंट कैमरा बंद करने की कोशिश करता है या गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो उसे चेतावनी दी जाएगी. किसी भी स्टूडेंट को अधिकतम 20 बार चेतावनी दी जाएगी. इसके बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी.
सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी कैंपस
8 दिसंबर को कुल 31,239 स्टूडेंट्स ने एग्जाम में हिस्सा लिया. यूनिवर्सिटी के परीक्षा निदेश महेश काकड़े ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए दावा किया कि छात्रों की ओर से एग्जाम को लेकर कोई प्रमुख शिकायतें नहीं हैं. एग्जाम से पहले 3 दिसंबर को मॉक टेस्ट भी कराया गया था ताकि स्टूडेंट्स को एग्जाम वाले दिन कोई दिक्कत न हो. एग्जाम में हिस्सा लेने वाले सभी छात्रों को एग्जाम से पहले मॉक टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए कहा गया. साथ में ये भी कहा गया कि अगर एग्जाम में उन्हें कोई दिक्कत होती है तो वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं.
क्या उपाय किए?
8 दिसंबर से सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी में बैक और इम्प्रूवमेंट के एग्जाम्स शुरू हुए. यानी उन स्टूडेंट्स का एग्जाम जिनके पिछले एग्जाम में बैक आए हों या फिर जो दोबारा एग्जाम देकर अपने मार्क्स इम्प्रूव करना चाहते हों. ये परीक्षाएं 23 दिसंबर तक चलेंगी और इसमें कुल 1 लाख 70 हजार स्टूडेंट्स हिस्सा ले रहे हैं. एग्जाम के दौरान पूरे समय तक स्टूडेंट को अपने लैपटॉप या फोन का फ्रंट कैमरा ऑन रखना होगा. यानी कि एग्जाम के समय स्टूडेंट पर वैसे ही नजर रखी जाएगी जैसे ऑफलाइन एग्जाम में रखी जाती है. स्टूडेंट को किसी भी दूसरे ब्राउजर या विंडो को खोलने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई स्टूडेंट कैमरा बंद करने की कोशिश करता है या गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो उसे चेतावनी दी जाएगी. किसी भी स्टूडेंट को अधिकतम 20 बार चेतावनी दी जाएगी. इसके बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी.
सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी कैंपस
8 दिसंबर को कुल 31,239 स्टूडेंट्स ने एग्जाम में हिस्सा लिया. यूनिवर्सिटी के परीक्षा निदेश महेश काकड़े ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए दावा किया कि छात्रों की ओर से एग्जाम को लेकर कोई प्रमुख शिकायतें नहीं हैं. एग्जाम से पहले 3 दिसंबर को मॉक टेस्ट भी कराया गया था ताकि स्टूडेंट्स को एग्जाम वाले दिन कोई दिक्कत न हो. एग्जाम में हिस्सा लेने वाले सभी छात्रों को एग्जाम से पहले मॉक टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए कहा गया. साथ में ये भी कहा गया कि अगर एग्जाम में उन्हें कोई दिक्कत होती है तो वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएं.

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