सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ ने नाबालिगों को दी जाने वाली मौत की सजाको समाप्त करने का आदेश दिया है. सउदी के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अव्वादअलाव्वाद ने एक बयान में शाही फरमान का हवाला देते हुए ये जानकारी दी. उन्होंनेकहा, "ये सउदी अरब के लिए बहुत बड़ा दिन है. शाही फरमान के अनुसार अब मौत की याकोड़ों की सजा के बजाय, नाबालिग को हिरासत में रखा जाएगा और 10 साल से अधिक की जेलकी सजा नहीं मिलेगी." यूनाइटेड नेशन के ह्यूमन राइट्स एक्सपर्ट्स ने भी पिछले सालसउदी अरब से डेथ पेनल्टी पर जल्द फैसला लेने की अपील की थी. मीडिया रिपोर्ट्स, केअनुसार इसे देश में मानवाधिकार रिकॉर्ड को सुधारने की कवायद के रूप में देखा जा रहाहै. इससे पहले भी सउदी अरब में कई उदारवादी कदम उठाये गए हैं. यहां 2018 महिलाओं कोकार चलाने की अनुमति दी गई थी. और हाल ही में सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने कोड़ेमारने की सजा को भी ख़त्म कर दिया था. क्या कहतीं हैं ऑफिशियल रिपोर्ट्स इन फैसलोंके पीछे सबसे बड़ा हाथ क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का बताया जा रहा है. वहकिंग सलमान के बेटे हैं. क्राउन प्रिंस ने देश को आधुनिक बनाने और विश्व स्तर परसऊदी अरब की प्रतिष्ठा को फिर से विकसित करने कोशिशें तेज़ कर दी हैं. ऑफिशियलरिपोर्ट्स के अनुसार, सउदी अरब में 2019 में कम से कम 187 लोगों को मौत की सजा दीगई थी. और इस वर्ष जनवरी से अब तक 12 लोगों को मौत की सजा दी गई है.---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- दुनियादारी: सऊदी अरब की जेल में बंद प्रिसेंस बस्मा और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिनसलमान की कहानी